वाराणसी डीप फेक वीडियो प्रकरण पर अधिवक्ता व भाजपा विधि प्रकोष्ठ संयोजक शशांक शेखर ने जताई चिन्ता

वाराणसी डीप फेक वीडियो प्रकरण पर अधिवक्ता व भाजपा विधि प्रकोष्ठ संयोजक शशांक शेखर ने जताई चिन्ता

वाराणसी के थाना चौक अंतर्गत दालमंडी क्षेत्र में AI जनित वीडियो प्रकरण में स्थानीय प्रशासन ने दर्ज किया मुकदमा:

जयचन्द की रिपोर्ट

INDIA NEWS REPORT

वाराणसी, 27 सितम्बर।  

वाराणसी की पावन नगरी में एक गंभीर डीपफेक वीडियो प्रकरण सामने आया है, जिसके बाद थाना चौक, वाराणसी में FIR संख्या 0120/2025 के अंतर्गत 26 सितंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223, 285, 126(2), 196, और 299 के तहत कार्रवाई की जा रही है।  

यह मामला सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के प्रावधानों के तहत भी संगीन अपराध के रूप में दर्ज किया गया है, जिसमें डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग कर समाज में वैमनस्य और धार्मिक उन्माद फैलाने की नीयत शामिल है। प्राथमिकी प्रकाश सिंह चौहान द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोपियों की संख्या आठ से अधिक बताई गई है।  

यह प्राथमिकी थाना चौक के क्षेत्र दालमंडी में हुई घटना से संबंधित है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के कुछ व्यक्तियों को संदिग्ध बनाया गया है। पुलिस ने साइबर सेल के माध्यम से जांच शुरू कर दी है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।  

भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे डिजिटल अपराध समाज और धार्मिक सामंजस्य के लिए गंभीर खतरा हैं, और कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से इस तरह की अफवाहों और भड़काऊ सामग्री से दूर रहने का आह्वान किया।  

यह मामला तकनीकी प्रगति के दुरुपयोग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में भी चिंताजनक है, इसलिए तत्काल न्यायिक प्रवर्तन एवं कठोर दंड की आवश्यकता है।