विधुत निजिकरण के विरोध के 373वें दिन:कारपोरेशन मानक के विपरीत टेंडर कर बनारस सहित 8 मंडल के लगभग 500 से ज्यादा संविदाकर्मी अपनी जीविका बचाने को लगा रहे अधिकारियों के चक्कर -पूर्वान्चल विधुत संघर्ष समिति
संघर्ष समिति उ0प्र0 की लखनऊ में 7दिसम्बर की होने वाले बैठक में संविदाकर्मियों के छटनी को लेकर आंदोलन के कार्यक्रम घोषित कराने का पूर्ण प्रयास कराएगी वाराणासी की कोर कमेटी :जयचन्द की रिपोर्ट
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
बनारस सहित अन्य जिलों के बिजलकर्मियो ने निजीकरण के विरुद्ध जारी आंदोलन के आज 373वें दिन भी जमकर प्रदर्शन किया साथ ही कारपोरेशन मानक के विपरीत टेंडर कर बनारस सहित 8 मंडल के लगभग 500 से ज्यादा संविदाकर्मी अपनी जीविका बचाने को लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
संघर्ष समिति उ0प्र0 की लखनऊ में 7दिसम्बर की होने वाले बैठक में संविदाकर्मियों के छटनी को लेकर आंदोलन के कार्यक्रम घोषित कराने का पूर्ण प्रयास कराएगी वाराणासी की कोर कमेटी दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद टोरेंट पावर कंपनी नहीं लागू कर रही है बिजली बिल राहत योजना : संघर्ष समिति ने टॉरेंट का फ्रेंचाइजी करार रद्द करने की पुनः की माँग : निजीकरण के विरोध में आंदोलन जारी
वाराणासी-05दिसम्बर2025 विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज 373 वें दिन बनारस के बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
वक्ताओ ने बताया कि बनारस सहित पूर्वांचल के 8 मंडल में लगभग 500 से 7 00 संविदा कर्मियों को कॉरपोरेशन मानक के विपरीत जाकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा टेंडर कर छटनी की जा रही है जबकि हाल ही में माननीय श्रम मंत्री अनिल राजभर जी का बयान आया था कि जहां पर भी 300 या उससे ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं वहां के किसी भी कर्मचारी को निकलने से पहले माननीय मुख्यमंत्री जी की अनुमोदन लेनी होगी किंतु बनारस के मंगल द्वितीय में लगभग डेड सो कर्मचारी गलत टेंडर के कारण निकल जा रहे हैं जिसका संघर्ष समिति ने पुरजोर विरोध किया है और बहुत ही जल्द बनारस सहित पूर्वांचल के आठ मंडल के कर्मचारी की चटनी को लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम या संबंधित कार्यालय पर आंदोलन करने की कार्रवाई की जाएगी वक्ताओं ने बताया कि 7 दिसंबर को लखनऊ में संघर्ष समिति के प्रदेश कमेटी की बैठक रखी गई है जिसमें संविदा कर्मियों के छटनी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा और कोशिश की जाएगी की संविदा कर्मियों के छटनी को लेकर एवं कर्मचारियों की अन्य समस्याओं को लेकर अध्यक्ष पावर कारपोरेशन को मांग पत्र प्रेषित की जाएगी और अगर उसका समाधान नहीं किया जाता तो बाध्य होकर आंदोलन की नोटिस देने का भी निर्णय लिया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आज फिर दावा किया है कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लागू की गई बिजली बिल राहत योजना 2025 को आगरा में टोरेंट पावर कंपनी लागू नहीं कर रही है।
संघर्ष समिति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि चूंकि टोरंट कंपनी ने पिछले 16 साल से लगातार फ्रेंचाइजी करार का उल्लंघन किया है और अब टोरेंट पावर कंपनी, उत्तर प्रदेश सरकार के बिजली बिल राहत योजना आदेश को भी नहीं लागू कर रही है ऐसे में टोरेंट कंपनी का फ्रेंचाइजी करार तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। टोरेंट कंपनी ने पावर कारपोरेशन का 2200 करोड रुपए का राजस्व का बकाया पिछले 16 साल से दबा रखा है।
संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि बिजली बिल राहत योजना 2025 की घोषणा के बाद टोरेंट पावर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट संजय कुमार ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से इस संबंध में पत्र लिखकर कहा था कि टोरेंट पावर कंपनी उपभोक्ताओं से बकाया राशि की वसूली के लिए व्यापक प्रयास करना जारी रखे हुए है। बिना किसी स्पष्ट प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) तंत्र के ऐसी छूट हमारे लिए वित्तीय रूप से संभव (financially feasible) नहीं होगी।
टोरेंट पावर ने पत्र में आगे लिखा कि उपरोक्त के मद्देनजर कृपया स्पष्ट करें कि क्या टोरेंट पावर को माफ की गई राशियों (waiver amounts) के लिए प्रतिपूर्ति प्राप्त होगी। यदि प्रतिपूर्ति अनुमेय है, तो कृपया उसको दावा करने की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी प्रदान करें। चूंकि यह योजना 1 दिसंबर से प्रभावी हो रही है, इसलिए शीघ्र उत्तर देने की कृपा करें ।
संघर्ष समिति ने कहा कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से टोरेंट पावर कंपनी को इसका स्पष्ट उत्तर दे दिया गया था कि मूल धन में माफ की जा रही धनराशि की प्रतिपूर्ति दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को नहीं मिल रही है अतः दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम भी इसकी प्रतिपूर्ति टोरेंट पावर को नहीं कर सकता है।
संघर्ष समिति ने कहा कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के स्पष्टीकरण के बावजूद आज योजना लागू होने के 05 दिन बाद भी टोरेंट पावर कंपनी अपने उपभोक्ताओं के लिए मूलधन पर छूट की बिजली बिल राहत योजना लागू नहीं कर रही है।
संघर्ष समिति ने कहा कि आगरा में बिजली बिल राहत योजना में जिन चन्द उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन किया गया है वह 1 अप्रैल 2010 के पूर्व के बकायदार हैं (जो दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का बकाया है, टोरेंट पावर कंपनी का नहीं) और इनकी भी संख्या नगण्य है।
संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली बिल राहत योजना 2025 को लागू करने में टोरेंट पावर कंपनी का यह रवैया उपभोक्ताओं के लिए बहुत ही घातक है जिससे उपभोक्ताओं के प्रति निजी कंपनियों का रवैया स्पष्ट दिखाई देता है।
सभा को सर्वश्री ई0 एस0के0सिंह, ओ0पी0सिंह,राजेन्द्र सिंह,हेमन्त श्रीवास्तव, जिउतलाल, जमुना पाल, राजेश सिंह,अरविंद कौशनन्दन,प्रवीण सिंह,अरुण कुमार, नन्हे लाल आदि ने संबोधित किया।


