राजातालाब थाना क्षेत्र के निवासी शुभम ने अखरी चौकी इंचार्ज पर अपहरण करने और मारपीट का लगाया आरोप ,आज़ाद अधिकार सेना करेगी जांच
वाराणसी:अनुराग पाण्डेय
वाराणसी:मरुई जक्खिनी गांव निवासी शुभम सिंह ने अखरी पुलिस चौकी के प्रभारी पर मारपीट कर अपहरण करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया शुभम सिंह ने मीडिया को पत्र जारी करके बताया है कि शनिवार को वह अपने वैष्णवी जनरल स्टोर मरुई में अपने दुकान पर बैठा था. शाम 4 से 5 के बीच बिना नंबर की बलेनो कार से आए अखरी बाईपास के चौकी प्रभारी पंकज सिंह ने उन्हें अपने साथ पकड़ कर ले जाने का प्रयास किया, उनके साथ भदोही में तैनात एक सब इंस्पेक्टर और अज्ञात दो दरोगा और कुछ अन्य अज्ञात भी थे. शुभम का कहना है कि इन लोगों ने उन्हें मारा-पीटा गाली दी और विरोध करने पर सर्विस रिवाल्वर की मुठिया से प्रहार कर दिए. जिससे सिर में गंभीर चोटें आई।
शुभम का कहना है की उसके ऊपर एफआईआर भी नहीं है. दुकान पर आए दरोगा के साथ न तो हल्का पुलिस और न ही थाना राजातालाब की पुलिस थी. आरोप लगाया की बिना किसी अपराध और कोई सूचना दिए पुलिस ने मुझे पकड़ने और अपहरण करने का प्रयास किया. मौके पर पहुंचे लोगों ने बीच- बचाव कर किसी तरह इन्हें छुड़ाया. शुभम का सिर फूटने और पुलिसकर्मियों से विरोध का वीडियो भी वायरल हुआ है. इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है।
दरोगा पर सर फोड़ने के आरोप की जांच करेगी आजाद अधिकार सेना:अमिताभ ठाकुर
वही आजाद अधिकार सेना संस्थापक/राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि-
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि उनकी पार्टी राजा तालाब निवासी शुभम सिंह द्वारा चौकी इंचार्ज अखरी, थाना रोहनिया पंकज सिंह पर सिर फोड़ने के आरोपों की अपने स्तर से जांच करेगी
उन्होंने कहा कि उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में शुभम सिंह और राजू यादव ने फर्जी कागज बनाकर सत्तर लाख की जमीन बेच दी, किन्तु रोहनिया पुलिस ने क्रेता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं किया चौकी इंचार्ज पंकज सिंह ने बिना कानूनी कार्रवाई के ही बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी से जाकर शुभम सिंह को पकड़कर थाने पर लाकर जबरदस्ती पैसे के लेनदेन में गैर कानूनी मध्यस्थता करने कोशिश की, जिसके बाद यह विवाद हुआ।
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि आजाद अधिकार सेना वाराणसी के लोग इस संबंध में जांच करेंगे और यदि यह पाया जाता है कि पुलिस ने बिना कानूनी अधिकार के ही इस मामले में हस्तक्षेप किया है तो वे उनके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित कराएंगे।


