वाराणसी: 54.29 करोड़ की लागत से 636 मीटर लम्बा बनेगा,मंडुआडीह फ्लाइओवर

फुरवरिया फोरलेन से बीएचयू वाया मंडुवाडीह रोजाना डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही रहती है। इस समस्या से निजात के लिए सेतु निगम ने वाराणसी के मंडुवाडीह चौराहे 636 मीटर लंबा टू लेन फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर 54.84 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस चौराहे पर पुल बनने से समय और धन की बचत होगी-जयचन्द की रिपोर्ट

वाराणसी: 54.29 करोड़ की लागत से 636 मीटर लम्बा बनेगा,मंडुआडीह फ्लाइओवर
वाराणसी :मंडुआडीह चौराहा

INDIA NEWS REPORT

 जयचन्द

 वाराणसी- मडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का काम जल्द शुरू होगा। 54.29 करोड़ रुपये से 636 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण होगा। डीपीआर शासन को भेजी गई है। इसके लिए अगले महीने बजट जारी होने की उम्मीद है।

मंडुवाडीह चौराहे पर 54.29 करोड़ रुपये से 636 मीटर लंबे फ्लाईओवर का काम अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है। शासन को फाइल बजट की मंजूरी के लिए भेज दी गई है। लोकसभा चुनाव के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद केंद्र में मंत्री बन गए हैं। ऐसे में अभी बजट की मंजूरी अटक गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने तक बजट को मंजूरी मिल जाएगी।

मंडुवाडीह चौराहे पर बनने वाले 636 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण से जाम से निजात मिलेगी। सेतु निगम ने इसकी डीपीआर तैयार कर बजट की मंजूरी के लिए शासन को फाइल भेज दी है। पिछले दो महीने से मंडुवाडीह चौराहे पर जाम से निबटने के लिए चौराहा बंद कर करीब 400 मीटर तक बैरीकेडिंग कर दी गई है। लहरतारा से मंडुवाडीह होते हुए लंका जाने वाले मार्ग पर पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है।

इस मार्ग से छोटे-बड़े करीब दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। 9.52 किलोमीटर के इस पूरे रास्ते पर चार जगह मंडुवाडीह चौराहा, ककरमत्ता फ्लाईओवर, भिखारीपुर तिराहा और लंका चौराहे पर जाम लगना आम बात है। फ्लाईओवर निर्माण से लोगों को राहत मिलेगी। एक साल में प्रस्तावित बजट में भी बढ़ोतरी हुई है।

भिखारीपुर तिराहे पर 1080 मीटर के वाई शेप फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इसकी डीपीआर भी शासन को भेज दी गई है। करीब एक साल पहले तक इस पुल की लागत करीब 86.41 करोड़ थी जो अब बढ़कर 114.67 करोड़ हो गई है। मंजूरी मिलते ही दोनों फ्लाईओवर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

क्या बोले अधिकारी ?-दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण की डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी गई है। शासन से मंजूरी मिलने ही काम शुरू हो जाएगा। - एसके निरंजन, सेतु निगम, वाराणसी