उपेक्षित हरदत्तपुर स्टेशन का बदलेगा स्वरूप:वाराणसी शहर में पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा अत्याधुनिक

उपेक्षित हरदत्तपुर स्टेशन का बदलेगा स्वरूप:वाराणसी शहर में पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा अत्याधुनिक
उपेक्षित हरदत्तपुर स्टेशन का बदलेगा स्वरूप:वाराणसी शहर में पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा अत्याधुनिक

वाराणसी:जयचन्द

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प का अभियान जारी है। वाराणसी जंक्शन, और बनारस (पहले मंडुआडीह) के साथ ही अब जिले के एक और रेलवे स्टेशन को बड़े स्तर पर विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। दरअसल महायोजना 2031 में प्रस्तावित लाइट मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेनों को पूर्वोत्तर रेलवे के हरदत्तपुर स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इसे हाईस्पीड स्टेशन बनाने के लिए मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर इसके विकास का प्रस्ताव है। यह स्टेशन अत्याधुनिक उपकरणों और यात्री सुविधाओं से लैस होगा।

हाई स्पीड ट्रेनों के लिए इस स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखकर योजना पर काम किया जा रहा है। हाल ही में वाराणसी दौरे पर आए प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी दुर्गाशंकर मिश्र ने योजना से संबंधित प्रदर्शनी देखी थी। उन्होंने पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे के अधिकारियों को इस पर आगे की कार्यवाही करने को कहा है। हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन वाराणसी प्रयागराज हाईवे से सटा हुआ है। इसके अलावा ये नई दिल्ली और वाराणसी मेन लाइन पर भी है। देश विदेश से आने वाले यात्रियों की सुगम काशी यात्रा के लिए इस स्टेशन को तैयार किया जाएगा। भविष्य में लाइट मेट्रो को भी इससे जोड़ा जाएगा। इसके निर्माण से आसपास के जिले भी हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।

बता दें कि अबतक बनारस और कैंट रेलवे स्टेशन विकसित हुए हैं। काशी स्टेशन को भी भव्य बनाया जा रहा है। इन सब के अलावा हरदत्तपुर जिले का सबसे आधुनिक स्टेशन बनेगा। साथ ही वाराणसी प्रदेश का ऐसा पहला जिला होगा, जहां चार बड़े स्टेशन होंगे।

शहर में बढ़ती पर्यटकों की भीड को देखते हुए हरहुआ से बाबतपुर तक रिंग रोड के किनारे कई विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसमें टाउनशिप, हेलीपोर्ट, लाइट मेट्रो के अलावा अब हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। स्टेशन के निर्माण के बाद जहां रेलवे से यात्रा सुगम होगी। वहीं, स्टेशन के आसपास के क्षत्रों का भी विकास होगा। यहां होटल, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, अस्पताल बनाए जाएंगे।,

आम दिनों में वंदे भारत, शिवगंगा, महानगरी, महाकाल ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय में वाराणसी शहर के भीतरी स्टेशनों के बाहर सड़कों पर भारी दबाव होता है। लोगों के अलावा सवारी गाड़ियों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अधिकता के कारण सड़क पर जाम लग जाता है। घंटों तक लोग परेशान रहते हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए शहर के बाहर के स्टशनों को विकसित किया जा रहा है।