कमिश्नर की टीम ने दिखाया: रविवार को मीरघाट क्षेत्र में फायरिंग की घटना ने जहा एक तरफ वाराणसी को हिला दिया वही सीपी ने त्वरित कार्यवाही करने में कोई कोताई नही छोड़ी घटना के हर एंगल से जानकरी एकत्र की गई,दशस्वमेघ प्रभारी,चौकी इंचार्ज को तत्काल बर्खास्त कर दी
डीसीपी काशी ने घोषित किया था 25-25 हजार का इनाम विजय यादव की तहरीर पर जिन पांच लोगों को नामजद किया था, उसमें गोविंद यादव पुलिस हिरासत में है। वहीं आरोपी साहिल यादव के सरेंडर के बाद अंकित यादव, शिवम शर्मा, शोभित शर्मा की तलाश जारी है। इन सभी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। :जगदीश शुक्ला
INDIA NEWS REPORT
जगदीश शुक्ला
वाराणसी में रविवार यानी 30 जून की दोपहर मीरघाट पर फायरिंग और दहशत फैलाने वाले हमलावर ने जिला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। गुरुवार दोपहर बाद पुलिस को धता बताकर आरोपी कोर्ट के अंदर दाखिल हो गया।
अधिवक्ता के साथ जज के आगे सरेंडर कर दिया, वारदात में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए एफआईआर में नाजमद होने की बात कही। कोर्ट में बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी तो अभियोजन ने विरोध जताया। चंद मिनट की कवायद के बाद जज ने आरोपी का आत्मसमर्पण स्वीकारते हुए उसे पुलिस अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया।
बता दें कि वर्चस्व की लड़ाई और दबंगई में सपा नेता पर हमला किया गया था। इसकी असली वजह विश्वनाथ मंदिर की बाउंड्री, मणिकर्णिका मार्ग और कॉरिडोर के आसपास की फूल, पूजन सामग्री और धार्मिक सामग्री की करीब 200 दुकानों से हर महीने लाखों का गुंडा टैक्स वसूली है।
दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के मीरघाट पर सपा नेता विजय यादव के घर गोली चलाने वालों की गिरफ्तारी में काशी जोन की पुलिस नाकाम है। वारदात के पांच दिन बाद पुलिस एक भी हमलावर को दबोच नहीं सकी, बल्कि हमलवार पुलिस को धता बताकर थाना रामनगर के सूजाबाद निवासी अतुल यादव उर्फ साहिल कोर्ट पहुंच गया।
आरोपी साहिल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और पुलिस का भनक तक नहीं लगी। गुरुवार शाम को जब सरेंडर हो गया। सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय की अदालत में आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया गया। आरोपी को जेल भेजने के आदेश पर पुलिस की नींद खुली और महकमे में हड़कंप मच गया।
डीसीपी काशी ने घोषित किया था 25-25 हजार का इनाम डीसीपी काशी प्रमोद कुमार ने वारदात के बाद से फरार चार हमलावरों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, अब एक आरोपी के सरेंडर करने के बाद इनकी संख्या तीन रह गई।हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच, थाना पुलिस और स्पेशल टीम को लगाया गया है।
विजय यादव की तहरीर पर जिन पांच लोगों को नामजद किया था, उसमें गोविंद यादव पुलिस हिरासत में है। वहीं आरोपी साहिल यादव के सरेंडर के बाद अंकित यादव, शिवम शर्मा, शोभित शर्मा की तलाश जारी है।
इन सभी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। अभी तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं, वहीं अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
सपा नेता के घर 38 हमलावरों ने किया था उपद्रव
रविवार को सपा नेता विजय यादव के परिवार समेत हत्या के इरादे से 10-12 नहीं, 38 हमलावर आए थे। पांच के हाथ में पिस्टल और तमंचा था तो 17 के हाथ लाठी-डंडा और धारदार हथियार थे। हमलावर मोटर बोट में रॉड, लाठी, असलहा लेकर आए थे।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में फायरिंग और दहशत फैलाने की फुलप्रूफ प्लानिंग थी। हमलावर मणिकर्णिका घाट, ललिता घाट के सामने से होते हुए मीरघाट पहुंचे। वहां मोटर बोट से उतरकर सभी विजय यादव के घर की गली में पहुंचते ही गालियां देने लगे।
दिनदहाड़े आसपास के दुकानदारों को धमकाते हुए विजय यादव के घर पर पथराव, फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने फायरिंग शुरू की तो 15-20 राउंड गोलियां चलाई, जिससे मोहल्ले में दहशत फैल गई। लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए।
पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले तो हमलावरों की संख्या, वारदात स्पष्ट हो गई। विजय यादव की तहरीर पर 5 नामजद और 12 अज्ञात पर दशाश्वमेध थाने में केस दर्ज किया गया है। विजय यादव के परिवार के 3 लोग और एक आरोपी को BHU ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस कमिश्नर ने क्राइम मीटिंग में वारदात पर नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर दशाश्मेध और चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। मीटिंग में काशी जोन के डीसीपी और एडीसीपी से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिया था।
दुकानदारों से वसूली ही फायरिंग की असली वजह
काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में वसूली गैंग फूल-माला बेचने वालों से नहीं, बल्कि बड़ी दुकान वालों से भी वसूली की जाती है। पुलिस की नाक के नीचे दबंग दुकानों से गुंडा टैक्स वसूलते हैं। दुकानदारों ने बताया कि फूल-माला वाले हर दिन 100-200 रुपए गुंडाटैक्स देते हैं। एक नहीं, कई लोग महीने में आ जाते हैं और वसूली कर जाते हैं।
हर फूल माला वाले महीने में 3 से पांच हजार रुपए यादव गैंग से जुड़े लोगो को देकर अपनी सुरक्षा रखते हैं। मीरघाट क्षेत्र में फूलमाला बेचने वालों की संख्या लगभग 200 है तो इसके अलावा साड़ी की दुकान, पूजा सामग्री, धार्मिक सामग्री के दुकानदारों से महीने के हिसाब से वसूली होती है। मणिकर्णिका मोक्ष द्वार से लेकर घाट तक की तमाम दुकानों पर वसूली ही रविवार को हुई फायरिंग की जड़ है।
हमलावर और पीड़ित, दोनों पक्ष हिस्ट्रीशीटर हिस्ट्रीशीटर विजय यादव समेत उसका छह भाइयों का परिवार मीरघाट स्थित तिमंजिला मकान में रहता है। विजय का पूर्व पार्षद बंशी यादव से पुराना विवाद चला आ रहा है। विजय पर हमले में नामजद एक आरोपी अंकित यादव का पिता बंशी यादव कुख्यात बदमाश था। बंशी भी पार्षद रह चुका था। साल 2004 में जिला जेल में कुख्यात अन्नू त्रिपाठी ने बंशी की हत्या कर दी थी। इसके बाद अंकित ने 2017 में पानदरीबा वार्ड से पार्षदी का चुनाव जीता था।
काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में सुरक्षा की कलई खुली
वाराणसी के सबसे हाई सिक्योरिटी एरिया यानी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में दिनदहाड़े फायरिंग ने वाराणसी की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी। सबसे संवेदनशील इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
विश्वनाथ धाम कॉरिडोर से कुछ मीटर की दूरी पर गोलियां तड़तड़ाती रहीं और बाउंड्री पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी कुर्सी से हिले तक नहीं। कोई थाना पुलिस के इंतजार में था तो किसी को अपनी ड्यूटी से इतर कोई चिंता नहीं।
जिस दौरान वारदात हुई, कई गलियों और मंदिर बाउंड्री के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। PAC समेत अन्य सुरक्षा बल भी कुछ कदम की दूरी पर मुस्तैद थे, लेकिन गोलियों की आवाज के बीच मूवमेंट तक नहीं किया। अति सुरक्षित माने जाने वाले संवेदनशील क्षेत्र में घटना ने सुरक्षा प्रबंध पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि मामले का संज्ञान शासन के आला अधिकारियों ने लिया है।
स्थानीय लोगो ने दिखाया साहस एक हमलावर को पिस्टल के साथ पकड़कर दैहिक समीक्षा करने के बाद पुलिस को सौंपा जो अभी भी ट्रामा सेंटर में एडमिट है।


