ऑनलाइन गेमिंग बिल और आयकर अधिनियम 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी, नई व्यवस्था लागू

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ऑनलाइन गेमिंग बिल और आयकर अधिनियम 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी, नई व्यवस्था लागू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 अगस्त 2025 को दो महत्वपूर्ण विधेयकों को स्वीकृति दे दी है, जिससे वे आधिकारिक कानून बन गए हैं। इनमें ऑनलाइन गेमिंग बिल और नया आयकर अधिनियम 2025 शामिल हैं।

ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 का उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेम्स और सट्टेबाजी गतिविधियों को नियंत्रित करना है। इस बिल के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, जबकि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसके माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग और भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस कानून के बनने से लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के सेक्टर को नुकसान हो सकता है और करीब 2 लाख लोग अपनी नौकरियां खो सकते हैं। इसी के साथ 400 से अधिक कंपनियां बंद हो सकती हैं।

नया आयकर अधिनियम, 2025 पुरानी कर व्यवस्था को संशोधित करते हुए 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। इस विधेयक का लक्ष्य कर प्रणाली को सरल और समेकित बनाना है ताकि करदाता के लिए प्रक्रियाएँ आसान हों और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले।

सरकार ने यह कानून इसलिए तैयार किया है ताकि ऑनलाइन गेमिंग के क्षेत्र में जिम्मेदार और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके और वित्तीय धोखाधड़ी और अपराधों को रोका जा सके। इन दोनों विधेयकों के लागू होने से देश की डिजिटल खेमा और कर व्यवस्था दोनों में बड़े बदलाव आएंगे।

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद लिया गया है, जो देश में गेमिंग और कर सुधार के क्षेत्र में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।

इस प्रकार, गेमिंग और इनकम टैक्स दोनों क्षेत्रों में यह नई कानूनी व्यवस्था भारत के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को प्रभावित करेगी।