CJP और सरकार के बीच 2 घंटे बैठक: 3 मांग, 5 सुधार सुझाव | धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कल होगा फैसला
मुआवजे और FIR वापसी पर सैद्धांतिक सहमति, जंतर मंतर पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान | इसी दिन कैबिनेट ने पास किया एंटी-पेपर लीक बिल
INDIA NEWS REPORT
नई दिल्ली | इंडिया न्यूज रिपोर्ट डेस्क | 24 जुलाई 2026 नई दिल्ली। जंतर मंतर पर 26 दिन से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को CJP और केंद्र सरकार के बीच कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में अहम बैठक हुई। करीब 2 घंटे चली इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया। अब अगली बैठक शनिवार 25 जुलाई दोपहर को होगी।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ
सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए। CJP की तरफ से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका, संस्थापक व रणनीतिकार अभिजीत दिपके और वरिष्ठ सदस्य दीपक बाल्यान मौजूद रहे।
CJP की मांग पर बैठक को न्यूट्रल वेन्यू कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में रखा गया था।
CJP की 3 मुख्य मांगें
बैठक में CJP ने सरकार के सामने ये 3 मांगे रखीं।
पहली मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए।
दूसरी मांग: NEET की तैयारी में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
तीसरी मांग: प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे और FIR तुरंत वापस लिए जाएं।
इसके साथ CJP ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 5 सुधार सुझाव भी सौंपे। सुझावों का पूरा ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सरकार का क्या रुख रहा
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा, करीब 2 घंटे चर्चा हुई। उनकी 3 मांगें और 5 सुझाव मिले हैं। हम इस पर आंतरिक चर्चा कर कल दोपहर फिर मिलेंगे।
सरकार ने मुआवजे और FIR वापसी की मांग पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार ने कल तक का समय मांगा है।
वार्ता से पहले सरकार ने 2 शर्तें पहले ही मान ली थीं। पहली, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। दूसरी, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
CJP का बयान
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, हमें उम्मीद है सरकार शिक्षा मंत्री को जल्द हटाएगी। लेकिन लिखित आश्वासन न मिलने तक जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। CJP ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन का भी आह्वान किया है।
इसी दिन कैबिनेट का बड़ा फैसला
बैठक वाले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 में संशोधन को मंजूरी दी।
नए प्रावधानों के अनुसार संगठित पेपर लीक माफिया को 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना होगा। दोषी पाई जाने वाली परीक्षा एजेंसियों से परीक्षा का पूरा खर्च वसूला जाएगा।
मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे जिन्हें 3 महीने में फैसला देना होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट को स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट अधिसूचित किया है। यह संशोधन विधेयक 27 जुलाई सोमवार को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है।
बैकग्राउंड:इससे पहले लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कल रात जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद 26 दिन का अनशन तोड़ा था। कल देर रात जारी वीडियो सन्देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


