सचिन तेंदुलकर: "असफल होना स्वीकार , लेकिन धोखा मत दो" - NEET विवाद पर बोले मास्टर ब्लास्टर
NEET-UG में पेपर लीक के आरोपों के बीच सचिन तेंदुलकर ने छात्रों का साथ दिया। कहा - मेहनत का सम्मान जरूरी है, शॉर्टकट की संस्कृति नहीं चलनी चाहिए।
INDIA NEWS REPORT।
कुलदीप बरनवाल
नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों के प्रदर्शन तेज हैं। इसी बीच क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने बिना किसी का नाम लिए छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई है। ।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सचिन ने अपने पिता की सीख साझा की। उन्होंने लिखा कि उनके पिता प्रोफेसर थे और उन्होंने बचपन से ही सिखाया था कि असफल होना स्वीकार है, लेकिन धोखा कभी नहीं। कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए।।
सचिन ने कहा कि मेहनत करने वाले हर छात्र को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी लगन का सही मूल्यांकन होगा। अगर छात्रों को लगने लगे कि उनकी मेहनत बेकार गई है तो उनका निराश होना लाजमी है। इसलिए ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहां योग्यता ही सफलता का आधार बने, न कि जुगाड़। ।
उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। कहा कि देश का भविष्य इन्हीं के हाथों में है और उनका भरोसा टूटना नहीं चाहिए। सचिन ने अपने बच्चों का उदाहरण देते हुए कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी को पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली मिले। ।
सचिन ने अपने बयान में किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति पर सीधी टिप्पणी नहीं की। उनका जोर सिर्फ ईमानदारी, निष्पक्षता और मेहनत के सम्मान पर रहा।
उनसे पहले फुटबॉलर साहल अब्दुल समद, लालरिंजुआला छांगते और ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा भी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दे पर बोल चुके हैं। सचिन के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों में इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।


