दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिवक्ता शशांक शेखर के प्रार्थना-पत्र पर कार्रवाई की, मामला मंत्री आशीष सूद को भेजा

बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष की शिकायत पर दिल्ली सरकार हरकत में, जांच की मांग वाला पत्र अग्रेषित

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिवक्ता शशांक शेखर के प्रार्थना-पत्र पर कार्रवाई की, मामला मंत्री आशीष सूद को भेजा

   INDIA NEWS REPORT

वाराणसी/दिल्ली, 03 अगस्त 2026* — दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय ने आज अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा भेजे गए प्रार्थना-पत्र पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पूरे मामले को माननीय मंत्री श्री आशीष सूद के कार्यालय को अग्रेषित कर दिया है। 

क्या है मामला?

बीजेपी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक और दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने आज 03 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली सरकार और अन्य सक्षम अधिकारियों को एक प्रार्थना-पत्र भेजा था। इसमें CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के कथित सार्वजनिक बयानों और उससे जुड़े वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।

प्रार्थना-पत्र में मांग की गई है कि:

 1. डिजिटल साक्ष्यों का संरक्षण किया जाए

 2. वीडियो और बयानों का फॉरेंसिक परीक्षण हो

3. जांच में यदि संज्ञेय अपराध के तत्व पाए जाएं तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई हो मुख्यमंत्री कार्यालय का कदम

सीएम कार्यालय ने उसी दिन ईमेल के जरिए मामले को "kind perusal and further necessary action" के लिए मंत्री आशीष सूद के विभाग को भेज दिया। इस ईमेल की प्रति आवेदक शशांक शेखर त्रिपाठी को भी भेजी गई है।

महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी यह ईमेल किसी जांच का निष्कर्ष या किसी को दोषी ठहराने का आदेश नहीं है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसे संबंधित विभाग के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण आवश्यक विचार और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

अब आगे की कार्रवाई मंत्री आशीष सूद के कार्यालय के स्तर पर होगी।