संसद के बाहर सांसदों का हाई-वोल्टेज ड्रामा: भगवा पहन 'पुजारी' बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने चढ़ाया चंदा; अयोध्या सांसद ने पकड़ा 'चोर'
सांसदों ने भंग की संसद की गरिमा! राम मंदिर के कथित चंदा घोटाले पर विपक्ष का नुक्कड़ नाटक, संत समाज और भाजपा ने की निंदा, स्पीकर ने दी चेतावनी
INDIA NEWS REPORT
संसद के बाहर चले हाई प्रोफाइल वाले हाई वोल्टेज ड्रामे से आखिर क्या साबित करना चाहता है विपक्ष?
दिनांक: 1 अगस्त 2026 | ब्यूरो डेस्क, नई दिल्ली नई दिल्ली:संसद के मानसून सत्र के दौरान 31 जुलाई 2026 को संसद परिसर के मकर द्वार के बाहर विपक्ष ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी को लेकर विपक्षी सांसदों ने सुनियोजित 'नुक्कड़ नाटक' किया। इस राजनीतिक प्रदर्शन में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव 'पुजारी' की भूमिका में नजर आए।
घटनाक्रम: कैसे हुआ नाटक शुक्रवार सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसद मकर द्वार पर इकट्ठा हुए।
1. पुजारी के भेष में पप्पू यादव पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भगवा कुर्ता-धोती धारण की, माथे पर तिलक लगाया और हाथ में भगवान राम की तस्वीर लेकर जमीन पर बैठ गए। उनके सामने एक दानपेटी रखी गई थी।
2. राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने डाला चंदा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सपा सांसद डिंपल यादव समेत कई विपक्षी नेता 'भक्त' बनकर पहुंचे। राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में पैसे डाले।
3. चोरी और भागने की एक्टिंग जैसे ही दानपेटी में पैसे इकट्ठे हुए, पप्पू यादव ने उन पैसों को दानपेटी में रखने के बजाय अपनी जेबों में छिपाना शुरू कर दिया। इसके बाद वे पूरी दानपेटी लेकर भागने का अभिनय करने लगे।
4. अयोध्या सांसद ने पकड़ा भागते समय अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और अन्य नेताओं ने उन्हें 'रंगे हाथों' पकड़ लिया। इस पर पप्पू यादव ने कहा, "अयोध्या वालों ने चंदा चोरी करते हुए पकड़ लिया!" इसके बाद विपक्षी सांसदों ने "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" और "धर्म के नाम पर लूट बंद करो" के नारे लगाए।
5. गृहमंत्री पर निशाना प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था कि छात्र प्रदर्शनों और देश के अहम मुद्दों के बीच "अमित शाह सदन से गायब क्यों हैं?"
इस ड्रामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही में हंगामा हुआ और संसद को सोमवार 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
प्रतिक्रियाएं:
1. संत समाज का विरोध :अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने इस प्रदर्शन की निंदा की। उन्होंने इसे साधु-संतों और भगवा वस्त्र का अपमान बताया और लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की।
विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि वह पप्पू यादव और नाटक में शामिल नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है। कई संतों ने राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर पप्पू यादव की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की।
2.भाजपा का पलटवार: भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया। जयपुर के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल हमेशा से राम मंदिर के विरोधी रहे हैं। भाजपा ने इसे उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर फैलाया गया झूठा नैरेटिव करार दिया।
3. विपक्ष का जवाब :आलोचना के बाद पप्पू यादव ने कहा, "हम सब सच्चे सनातनी हैं। हम धर्म का अपमान नहीं कर रहे, बल्कि धर्म की आड़ में जो लूट मची है उसे बेनकाब कर रहे हैं।"
4. लोकसभा अध्यक्ष की चेतावनी :लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिना नाम लिए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सांसदों द्वारा संसद परिसर में वेश बदलकर स्वांग रचना और प्रदर्शन करना संसद की मर्यादा और आचरण नियमों के खिलाफ है। भविष्य में ऐसा होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
5. सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया : सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। एक वर्ग ने कहा कि संसद को थिएटर का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक व्यंग्य बताया।
INR रिपोर्ट- राम मंदिर चंदा विवाद अब संसद से सड़क तक पहुंच गया है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का मुद्दा बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष और संत समाज इसे आस्था का अपमान मान रहे हैं। अब देखना होगा कि सोमवार को सदन शुरू होने पर इस मुद्दे पर क्या स्थिति बनती है।
कई लोगो ने इसे आस्था पर चोट भी कहा है लेकिन संसद के बाहर ये सब कर क्या सांसद वोट पा सकेंगे?
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