AI जिस रफ्तार से दुनिया को बदल रही है, उसी तेजी से ऊर्जा संकट का नया कारण भी बन सकती है!

जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बु (Sridhar Vembu) ने चेतावनी दी है कि अगर एआई का विस्तार ऐसे ही चलता रहा, तो आने वाले वक्त में घरों और फैक्ट्रियों तक में बिजली के ब्लैकआउट्स देखने पड़ सकते हैं X पर लिखा चेतावनी भरा सन्देश!! INR-Desk

AI जिस रफ्तार से दुनिया को बदल रही है, उसी तेजी से ऊर्जा संकट का नया कारण भी बन सकती है!
प्रतीकात्मक तस्वीर
AI जिस रफ्तार से दुनिया को बदल रही है, उसी तेजी से ऊर्जा संकट का नया कारण भी बन सकती है!

INDIA NEWS REPORT-Desk

 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बहुत बड़ी चेतावनी zoho के फाउंडर  श्रीधर वेम्बू ने दी है!!

श्रीधर वेम्बु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका के एथेंस, जॉर्जिया में 2023 से अब तक बिजली की कीमतों में करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसका बड़ा कारण एआई डाटा सेंटर्स हैं. उन्होंने लिखा, “हम सारे GPU खरीद भी लें, लेकिन बिजली का बिल नहीं चुका सकते. हम घरों और फैक्ट्रियों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते.”

भारत को चाहिए नया डिजिटल मॉडल

वेम्बु ने कहा कि आज की एआई टेक्नोलॉजी बेहद “एनर्जी इनएफिशिएंट” है यानी जितनी कंप्यूटिंग पावर चाहिए, उसके मुकाबले ये बहुत ज्यादा बिजली खाती है. उन्होंने भारत से अपील की कि वह अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को दोबारा सोचे और अधिक ऊर्जा-कुशल एआई सिस्टम पर काम करे।

उनका कहना है कि अगर एआई को सही दिशा में न ले जाया गया, तो भारत जैसे देशों के लिए यह बड़ी चुनौती बन सकता है, खासकर तब जब बिजली की मांग पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर है।

भारत में डाटा सेंटर्स की रफ्तार और बढ़ेगी बिजली खपत

भारत में डाटा सेंटर्स की कैपेसिटी 2024 के 1.2 गीगावॉट से बढ़कर 2030 तक करीब 5 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान है. इसी के साथ एआई आधारित वर्कलोड्स 40 से 50 टेरावॉट-घंटे तक बिजली सालाना खा सकते हैं. यह उतनी बिजली है, जितनी किसी मध्यम आकार के राज्य को चलाने में लगती है. यानी आने वाले वक्त में अगर हर इंडस्ट्री और सर्विस एआई पर चलेगी, तो बिजली ग्रिड पर भारी दबाव पड़ना तय है. खास तौर पर गर्मी के मौसम में जब घरेलू खपत पहले से ज्यादा होती है, तब बिजली की कमी का असर साफ दिख सकता है।

रीन्यूएबल एनर्जी में गैप हुआ तो बढ़ेगा ब्लैकआउट का खतरा

भारत अपनी कुल उत्पादन क्षमता को 777 गीगावॉट तक बढ़ाने की दिशा में है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर नवीकरणीय (Renewable) ऊर्जा के लक्ष्यों में थोड़ी भी देरी हुई, तो कुछ इलाकों में बिजली की कमी देखी जा सकती है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि अगर यह ग्रोथ स्लो हुई, तो देश को सालाना करीब 6 टेरावॉट-घंटे का बिजली घाटा झेलना पड़ सकता है. ऐसे में, अगर उसी समय एआई आधारित प्रोसेसिंग तेज हुई या हीटवेव जैसी स्थिति आई, तो ब्लैकआउट्स की आशंका बढ़ जाएगी।

श्रीधर वेम्बू द्वारा X पर किया गया पोस्ट-

https://x.com/svembu/status/1975312897531363756?s=19

कभी सोचा है कि हम AI से कुछ भी बोलते है और AI उसे तुरंत स्क्रीन पर कैसे ला देता है ये सब होता है डेटा सेंटर से अपनी मोबाइल से हम टाईप करते है कि 'मेरे नजदीक की कॉफी शॉप कौन सी है ' या "एक शेर पर उड़ता हुआ सुपरमैन बनाओ' और उत्तर या तश्वीर हमारे सामने होती है लेकिन हमारा मोबाइल डेटा सेंटर को कमांड भेजता है और वहां लगे सैकड़ो ,हजारों कम्प्यूटर इस काम को करने में लग जाते है जिसमे बिजली की खपत होती है एक डेटा सेंटर एक फुटबॉल ग्राउंड से भी बड़ी होती है वहां लगे कम्प्यूटर हमारी कल्पनाओं को अंजाम देते है इन सब मे बिजली की खपत बहुत ही ज्यादा होती है जॉर्जिया में ऐसी कई डेटा सेंटर बने है वहां अचानक से बिजली के बिलों में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

हालांकि वैज्ञानिक प्राकृतिक संसाधनों जैसे सूर्य की रोशनी, वायु आदि से संचालित डेटा सेंटर बनाने की कोशिश कर रहे है।

आइये जाने क्या है Zoho ?

ज़ोहो कॉर्पोरेशन एक भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी है जो क्लाउड-आधारित व्यावसायिक सॉफ़्टवेयर, ऑनलाइन व्यावसायिक उपकरण और उत्पादकता सूट बनाती है, जिसमें ग्राहक संबंध प्रबंधन (CRM), ईमेल, लेखांकन और कार्यालय सुइट जैसे विभिन्न उत्पाद शामिल हैं।

ज़ोहो के मुख्य काम और उत्पाद

क्लाउड-आधारित सॉफ़्टवेयर: ज़ोहो मुख्य रूप से ऑनलाइन और क्लाउड-आधारित एप्लिकेशन और सॉफ़्टवेयर सेवाएँ (SaaS) प्रदान करता है।

व्यावसायिक उपकरण: कंपनी छोटे से लेकर बड़े व्यवसायों के लिए विभिन्न प्रकार के उत्पाद और उपकरण बनाती है।

उत्पादकता सुइट: ज़ोहो अपना "ज़ोहो ऑफिस सुइट" प्रदान करता है, जो Microsoft 365 और Google Workspace जैसे उत्पादों का एक ऑनलाइन विकल्प है

ग्राहक संबंध प्रबंधन (CRM): यह छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए एक लोकप्रिय CRM समाधान प्रदान करता है।

अन्य उत्पाद:

  • Zoho Mail: एक सुरक्षित ईमेल सर्विस.
  • Zoho Writer: ऑनलाइन डॉक्यूमेंट एडिटर.
  • Zoho Books: अकाउंटिंग और इनवॉइसिंग सॉफ़्टवेयर.
  • Zoho People: एचआर और एंप्लॉयी मैनेजमेंट टूल.
  • Zoho Social: सोशल मीडिया मैनेजमेंट के लिए.
  • Arattai: यह कंपनी का एक नया मैसेजिंग ऐप है। जिसे WhatsApp का एक भारतीय संस्करण माना जाता है।

ज़ोहो की स्थापना और मुख्यालय

स्थापना: ज़ोहो की स्थापना 1996 में श्रीधर वेंबू और टोनी थॉमस ने की थी।

मुख्यालय: कंपनी का वैश्विक मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में है।

Disclaimer: उपरोक्त सभी जानकारी मीडिया संसाधनों द्वारा प्राप्त की गई है।