बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव द्वारा आचार संहिता उल्लंघन मामले को लिया संज्ञान में

बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव द्वारा आचार संहिता उल्लंघन के मामले में निर्वाचन आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लिया,काशी क्षेत्र भजपा विधि प्रकोष्ठ के संयोजक एवं अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 मे राजद नेता एवं प्रतिपक्ष के नेता श्री तेजस्वी यादव के विवादास्पद चुनावी वादे पर गंभीर आपत्ति जताते हुए निर्वाचन आयोग को शिकायत दर्ज कराई गई थी- जयचन्द

बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव द्वारा आचार संहिता उल्लंघन मामले को लिया संज्ञान में

INDIA NEWS REPORT

जयचन्द

दिनांक:10 अक्टूबर 2025बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव द्वारा आचार संहिता उल्लंघन के मामले में निर्वाचन आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लिया काशी क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ के संयोजक एवं अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 मे राजद नेता एवं प्रतिपक्ष के नेता श्री तेजस्वी यादव के विवादास्पद चुनावी वादे पर गंभीर आपत्ति जताते हुए निर्वाचन आयोग को शिकायत दर्ज कराई गई थी।

श्री यादव ने घोषणा की थी कि यदि उनकी पार्टी की सरकार बनी तो "बिहार के प्रत्येक परिवार को एक सरकारी नौकरी दी जाएगी"।

इस वादे को शशांक शेखर त्रिपाठी ने चुनाव आचार संहिता, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के प्रावधानों तथा Representation of the People Act, 1951 के अंतर्गत भ्रष्ट चुनावी प्रथा के दायरे में आते हुए मतदाताओं को वित्तीय लालच देने एवं बहकाने का प्रयास बताया।

इस संबंध में श्री त्रिपाठी ने दिनांक 09 अक्टूबर 2025 को निर्वाचन आयोग को विस्तृत प्रार्थना पत्र भेजा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देकर ऐसे गैर-जिम्मेदार, अव्यावहारिक और संसाधन-विहीन वादों पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

निर्वाचन आयोग ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए NGS पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज की है और संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से ईमेल के जरिए मामला अग्रेषित किया है, ताकि शीघ्र कार्यवाही हो सके।

 शिकायत का रेफरेंस आईडी [NGS24N101025627804] जारी किया गया है, जिसका स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता है।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे वादे न केवल सार्वजनिक नीति के विपरीत हैं, बल्कि चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करते हैं। उन्होंने मांग की है कि निर्वाचन आयोग इस मामले में जांच कर दोषी को आचार संहिता का पालन करने के लिए बाध्य करे और मतदाताओं को भ्रामक वादों से बचाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करे।उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय लोकतंत्र में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जिम्मेदार राजनीति की रक्षा चुनाव आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।