'AAP झगड़ालू और निकम्मी है...', BJP नेता बांसुरी स्वराज ने दिल्ली सरकार पर बोला तीखा हमला

दिल्ली सेवा विधेयक को शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंजूरी दे दी। अब यह विधेयक राजधानी में कानून बन गया है। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम-2023 कहा जाएगा। केंद्र सरकार ने इसे लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है और सोमवार से दिल्ली सरकार में इसका असर साफ दिखाई देने लगेगा। अब दिल्ली सरकार में एलजी के अधिकार बढ़ गए हैं। (Photo - ANI)

'AAP झगड़ालू और निकम्मी है...', BJP नेता बांसुरी स्वराज ने दिल्ली सरकार पर बोला तीखा हमला
'AAP झगड़ालू और निकम्मी है...', BJP नेता बांसुरी स्वराज ने दिल्ली सरकार पर बोला तीखा हमला

 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता बांसुरी स्वराज ने दिल्ली सेवा बिल को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आप पार्टी को एक झगड़ालू और निकम्मी पार्टी बताया है। उन्होंने यह बातें शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते कही।

उन्होंने दिल्ली सर्विस बिल पास होने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी बधाई दी और कहा कि अब बिल पास हो गया है तो दिल्ली में प्रशासन कानून के मुताबिक काम करेगा। बता दें कि दिल्ली सर्विस बिल, 7 अगस्त को राज्यसभा से पारित किया गया था, जो दिल्ली सरकार में अधिकारियों के स्थानांतरण और पोस्टिंग को संभालने के लिए केंद्र द्वारा लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा।

उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में सोमवार को पारित किया गया ये विधेयक, उपराज्यपाल को नियुक्तियों, तबादलों और पोस्टिंग से संबंधित मामलों सहित दिल्ली में समूह ए सेवाओं को नियंत्रित करने का अधिकार देता है। सदन में 131 सांसदों ने कानून के पक्ष में और 102 ने इसके खिलाफ मतदान किया था।

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा था कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रदान करना है।

एलजी के पास अधिकार-

  • मुख्य सचिव को लगेगा कि कैबिनेट का निर्णय गैरकानूनी है, तो वह उसे एलजी के पास भेजेंगे। एलजी कैबिनेट के किसी निर्णय को पलट सकते हैं।
  • दिल्ली में कार्यरत अधिकारियों पर दिल्ली सरकार का नियंत्रण खत्म हो गया है। अब ये शक्तियां एलजी के जरिये केंद्र सरकार के पास पहुंच गई हैं।
  • अधिकारियों के तबादले व नियुक्ति पर नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथारिटी (एनसीसीएसए) की सिफारिश पर एलजी फैसला करेंगे। एनसीसीएसए और एलजी की राय अलग होगी तो एलजी का फैसला मान्य।
  • किसी बोर्ड या आयोग के लिए नियुक्ति के मामले में एनसीसीएसए नामों के एक पैनल की सिफारिश एलजी को करेगी। एलजी दिल्ली सरकार द्वारा गठित बोर्डों और आयोगों में एनसीसीएसए द्वारा अनुशंसित नामों के एक पैनल के आधार पर नियुक्तियां करेंगे।

अब एलजी दिल्ली के ‘बॉस’

दिल्ली सेवा विधेयक के कानून बनने के बाद सीधे शब्दों में कहें, तो दिल्ली सर्विस विधेयक के कानून बनने से दिल्ली सरकार में एलजी के अधिकार बढ़ गए हैं। अब एलजी दिल्ली के ‘बॉस’ बन गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक अगस्त को संसद में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक-2023 पेश किया था। कानून बनने के बाद इसने दिल्ली में सेवा विभाग पर नियंत्रण वाले अध्यादेश की जगह ले ली है।

केंद्र ने अधिसूचना में कहा है कि यह कानून 19 मई, 2023 (अध्यादेश वाला दिन) से लागू माना जाएगा। अधिसूचना के बाद दिल्ली सरकार में बहुत कुछ बदल गया है। सरकार के पास भले ही सेवा विभाग नहीं था, लेकिन उसके पास कैबिनेट के माध्यम से दिल्ली का विकास करा लेने का पूरा अधिकार था। सरकार कैबिनेट के माध्यम से अपने अनुसार काम करा रही थी।

इसी बीच 11 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली की आप सरकार को आठ वर्ष बाद सेवा विभाग मिल गया था। लेकिन, दिल्ली की निर्वाचित सरकार अति उत्साह में सक्रिय हुई, जिससे सरकार व अधिकारियों के बीच काफी टकराव शुरू हो गया।