वाराणसी में सिविल और क्रिमिनल मामलों के लिए अलग-अलग कोर्ट की मांग
बनारस बार के उपाध्यक्ष शशांक शेखर ने जिला जज से सिविल व क्रिमिनल केसों के लिए अलग-अलग कोर्ट बनाने की मांग की।
INDIA NEWS REPORT
कुलदीप बरनवाल
वाराणसी। बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता शशांक शेखर ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, वाराणसी को पत्र लिखकर सिविल और आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए पृथक न्यायिक व्यवस्था की मांग की है।
पत्र में उन्होंने कहा है कि सिविल और आपराधिक मामलों की प्रकृति, प्रक्रिया, कानूनी प्रावधान, साक्ष्य और पत्रावलियों की संरचना पूरी तरह अलग-अलग होती है। वर्तमान में एक ही व्यवस्था के तहत दोनों तरह के मामलों की सुनवाई होने से न्यायालयों पर अत्यधिक भार है।
शशांक शेखर ने कहा कि इस वजह से न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को रोजमर्रा के काम में व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे मामलों की प्रभावी सुनवाई और समय पर निस्तारण प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने मांग की है कि जनपद में सिविल और आपराधिक मामलों के लिए अलग-अलग न्यायालय या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। यदि जनपद स्तर पर यह निर्णय संभव न हो तो इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि न्यायिक कार्य को और अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जा सके।


