वाराणसी:हुकुलगंज में VDA की दो बार सील बिल्डिंग की दीवार गिरी, कई मजदूर घायल ,1 गंभीर रूप से घायल, 12 मार्च को ही लगी थी दूसरी सील

नक्शा स्टिल्ट+3 का पास, बना रहे थे B+G+1 पर अवैध RCC पिलर। 1 मई 2025 और 12 मार्च 2026 को सील करने के बाद भी रात में चल रहा था निर्माण, VDA ने खुद माना-विशेष संवाददाता कुलदीप बरनवाल की रिपोर्ट

वाराणसी:हुकुलगंज में VDA की दो बार सील बिल्डिंग की  दीवार गिरी, कई मजदूर घायल ,1 गंभीर रूप से घायल, 12 मार्च को ही लगी थी दूसरी सील
पूर्व में सील की गई बिल्डिंग में कार्य ,हुआ हादसा

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रिपोर्ट:कुलदीप बरनवाल- वाराणसी के हुकुलगंज-सिकरौल क्षेत्र में 29 अप्रैल की देर शाम एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में कई मजदूर मलबे में दब गए। एक मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अभी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हैरानी की बात ये है कि ये वही बिल्डिंग है जिसे वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) दो बार सील कर चुका है। दूसरी सील इसी साल 12 मार्च 2026 को लगी थी। यानी सील लगने के सिर्फ 48 दिन बाद ये हादसा हुआ।

क्या है पूरा मामला?

VDA के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, श्री रामेश्वर तिवारी द्वारा ऑनलाइन मानचित्र संख्या VDA/BP/23-24/0282 के तहत स्टिल्ट + 3 तलों का आवासीय नक्शा स्वीकृत कराया गया था। लेकिन मौके पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत सेटबैक को कवर करते हुए लगभग 50x50 क्षेत्रफल में बेसमेंट+ग्राउंड+1 के ऊपर अवैध रूप से RCC पिलर का निर्माण किया जा रहा था।

VDA की कार्रवाई की टाइमलाइन:

1.पहली कार्रवाई - 01 मई 2025:

अवैध निर्माण मिलने पर VDA ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-27 के तहत नोटिस जारी कर स्थल को सील कर दिया था। सील के बाद बिल्डिंग को स्थानीय थाने की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया था।

2. दूसरी कार्रवाई - 12 मार्च 2026:

VDA ने अपने बयान में माना कि सील के बावजूद "पक्ष द्वारा स्थल पर चोरी-छिपे तथा रुक-रुक कर रात्रि में निर्माण कार्य किया जा रहा था"। इसे रोकने के लिए प्राधिकरण ने धारा-28(क) के तहत 12 मार्च 2026 को पुनः सील की कार्रवाई की और इसकी लिखित सूचना स्थानीय थाने को भेज दी।

29 अप्रैल 2026 - हादसा

दूसरी सील लगने के ठीक 48 दिन बाद 29 अप्रैल को बिल्डिंग की एक दीवार तेज आंधी व पानी मे भरभराकर गिर गई। हादसे में कई मजदूर घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में 1 मजदूरों की मौत की आशंका जताई गई है। मौके पर राहत-बचाव कार्य देर रात तक चला।

सिस्टम पर उठे सवाल

VDA के दस्तावेजों से ही 3 बड़े सवाल खड़े होते हैं: 1. पहली सील 01 मई 2025* को लगाकर बिल्डिंग थाने की अभिरक्षा में दी गई थी। फिर निर्माण दोबारा कैसे शुरू हुआ? 2. 12 मार्च 2026* को दोबारा सील करने के बाद थाने को लिखित सूचना दी गई। इसके बाद 48 दिन तक साइट की निगरानी क्यों नहीं हुई? 3. रात में "चोरी-छिपे" निर्माण की जानकारी VDA को थी, तो इसे स्थायी रूप से रोकने के लिए FIR पहले क्यों नहीं दर्ज कराई गई?

VDA का पक्ष

VDA सचिव की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वर्तमान में संबंधित अवैध निर्माणकर्ता के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की कार्यवाही कराई जा रही है। सचिव ने यह भी कहा कि भविष्य में सील के बाद भी निर्माण करने वालों पर सीधे FIR दर्ज कराई जाएगी।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे में घायल मजदूरों की संख्या और मौत के आंकड़े की पुष्टि करने में जुटा है। CMO कार्यालय से डेथ मेमो मिलने के बाद ही मौत का आंकड़ा साफ होगा। वहीं, 12 मार्च को थाने को भेजी गई VDA की चिट्ठी के बाद क्या कार्रवाई हुई, ये जांच का विषय है की जिम्मेदार कौन??

(नोट: मौत का आंकड़ा अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। जिला प्रशासन की पुष्टि के बाद खबर अपडेट की जाएगी)।

फॉलो अप- हादसे में सुरेश मौर्या (25 वर्ष), दिनेश पटेल (42 वर्ष), अमन (22 वर्ष), अमित (28 वर्ष) और 68 वर्षीय अनवर आलम उर्फ सूफी खान घायल हुए। बाद में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई (रिपोर्ट्स के अनुसार मृतक का नाम सुरेश मौर्या बताया जा रहा है, हालांकि घायलों की कुल संख्या 4-5 के बीच बताई गई है।

"वाराणसी: VDA ने 2 बार सील की बिल्डिंग, 48 दिन बाद गिरी दीवार। 2 मौत की आशंका। 1 मई 2025 और 12 मार्च 2026 को लगी थी सील, फिर भी चल रहा था रात में काम। जिम्मेदार कौन?

देखे वीडियो-

https://youtube.com/shorts/nWJDvpw2jFM?si=ht8fWD9anzpe-aNO