उत्तर प्रदेश:कानपुर के चर्चित अखिलेश दुबे केस में सहआरोपी पंकज दीक्षित के ऊपर जिला न्यायालय में चल रहे केस पर सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

कानपुर का चर्चित अखिलेश दुबे केस में नया मोड़-उच्च न्यायालय खबर

उत्तर प्रदेश:कानपुर के चर्चित अखिलेश दुबे केस  में सहआरोपी पंकज दीक्षित के ऊपर जिला न्यायालय में चल रहे केस पर सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
उत्तर प्रदेश:कानपुर के चर्चित अखिलेश दुबे केस  में सहआरोपी पंकज दीक्षित के ऊपर जिला न्यायालय में चल रहे केस पर सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
उत्तर प्रदेश:कानपुर के चर्चित अखिलेश दुबे केस  में सहआरोपी पंकज दीक्षित के ऊपर जिला न्यायालय में चल रहे केस पर सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

INDIA NEWS REPORT

उत्तर प्रदेश : कानपुर अखिलेश दुबे केस में सहआरोपी पंकज दीक्षित के ऊपर जिला अदालत में चल रहे केस की सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक । 

ज्ञात हो कि सन् २०२५ में कानपुर में वकील एवं सरकारी कर्मचारियों के एक नेक्सस का खुलासा हुआ था, जिसके कानपुर कचेहरी के कई वकील, पुलिस के कई अधिकारी, कानपुर विकास प्राधिकरण के कई कर्मचारी एवं अन्य विभागों के कई कर्मचारी शामिल थे। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया था। जिसके बाद कई प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई एवं सरकार ने कई कर्मचारियों को सस्पेंड किया था। आरोप यह है कि कानपुर कचेहरी के एक वकील अखिलेश दुबे एक संगठित गिरोह का संचालन कर रहे थे जिसमें कई वकील, पुलिस, प्रशासन, एवं कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इस गिरोह का काम लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर या फसाने की धमकी देकर दूसरों की प्रॉपर्टी पर कब्जा करना था। इसी क्रम में दिनांक ०९/०८/२५ को शैलेन्द्र कुमार द्वारा एक प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना- किदवई नगर में दर्ज कराई गई थी जिसमें अखिलेश दुबे के साथ साथ पंकज दीक्षित एडवोकेट, अनुज कुमार मिश्रा एवं विपिन गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया था। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने पर पंकज दीक्षित एडवोकेट ने इसे अपने अधिवक्ता जयंत कुमार के माध्यम से उच्च न्यायालय में रिट याचिका के माध्यम से चैलेंज किया था, जिसपर माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक ०९/०९/२५ को याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग का आदेश दिया था। जांच के उपरांत पुलिस ने पंकज दीक्षित, अखिलेश दुबे, विपिन गुप्ता के खिलाफ २६/०९/२५ चार्जशीट दाखिले की। पंकज दीक्षित एडवोकेट ने अपने ऊपर दाख़िल चार्जशीट एवं मुकदमे की समस्त कार्रवाई को पुनः माननीय उच्च न्यायालय में अपने अधिवक्ता जयंत कुमार के माध्यम से चैलेंज किया। पंकज दीक्षित के अधिवक्ता जयंत कुमार के तर्कों से सहमति जताते हुए माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति च्यवन प्रकाश की पीठ ने वादी पंकज दीक्षित के पक्ष में एक अंतरिम आदेश दिनांक २२/४/२६ कोपारित करते हुए यह आदेश दिया है कि याची के खिलाफ कोई उत्पीड़न की कार्यवाही न्यायालय के अगले आदेश तक न की जाय। न्यायालय ने सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है और पूछा है कि क्यों न याची पर चल रहे केस को समाप्त कर दिया जाए।