मीट खरीदने गये पिता-पुत्री पर दुकानदार ने तेज हथियार से किया हमला, गंभीर हालत में सदर अस्पताल रेफर

Bihar Crime सिवान ओपी क्षेत्र के बड़ी लकड़ी में शनिवार को दुकान पर मीट खरीदने गए पिता-पुत्री को दुकानदार द्वारा किसी बात पर मारपीट कर घायल कर दिया गया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सक द्वारा का प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

मीट खरीदने गये पिता-पुत्री पर दुकानदार ने तेज हथियार से किया हमला, गंभीर हालत में सदर अस्पताल रेफर

सिवान ओपी क्षेत्र के बड़ी लकड़ी में शनिवार को दुकान पर मीट खरीदने गए पिता-पुत्री को दुकानदार द्वारा किसी बात पर मारपीट कर घायल कर दिया गया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सक द्वारा का प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घायलों की पहचान बड़ी लकड़ी निवासी मो. अबरार साह एवं उनकी पुत्र मुस्कान खातून के रूप में हुई है। घटना के विरोध में गांव के लोग आक्रोशित हो गए और लकड़ी लक्ष्मीनिया मोड़ पर विरोध जताने लगे। आक्रोशितों ने उस स्थल पर मीट खरीदने आए लोगों को वहां से बैरंग लौटा दिए।

ग्रामीणों ने आरोप

ग्रामीण दुकानदारों पर अवैध रूप से दुकान का संचालन करने और आए दिन ग्राहकों के साथ बदसलूकी का आरोप लगा रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि यदि यह दुकान बंद नहीं हुई तो हमलोग सड़क पर उतर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

तेज हथियार से हमला

बताया जाता है कि बड़ी लकड़ी निवासी महमूद आलम शाह के पुत्र मो. अबरार शाह पड़ोस में मीट खरीदने गए थे। इस दौरान दुकानदार ने तेज हथियार से उन पर हमला कर घायल कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही घायल की पुत्री मुस्कान खातून बीच-बचाव के लिए पहुंची, तो दुकानदार द्वारा उस पर भी हमला कर घायल कर दिया गया।

ग्रामीणों ने स्थानीय अस्पताल में कराया भर्ती

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों घायलों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराए, जहां दोनों घायलों की स्थिति गंभीर बता चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

मौके पर पहुंचे ओपी प्रभारी

घटना की सूचना मिलते ही ओपी प्रभारी अजीत कुमार, जदयू नेता डॉ. निजाम अली, पैक्स अध्यक्ष छोटे हुसैन, टुन्ना भारती, नेयाज अहमद आदि ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। समाचार प्रेषण तक पीड़ित द्वारा ओपी में आवेदन नहीं दिया गया था। वहीं, दुकानदार ने आरोप को बेबुनियाद बताया है।