सीतापुर हत्याकांड :फेल हुई पुलिस की थ्योरी पोस्टमार्टम से खुला राज,अपना खून ही निकला कातिल
सीतापुर में छह लोगों की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। एक ही परिवार के 6 लोगों की हत्या मामले में छोटे भाई की संलिप्तता आने के बाद मामले की जांच तेज हो गई है। हत्याकांड की जांच का जिम्मा एसटीएफ को दिया गया है। सीतापुर में एक ही परिवार के छह लोगों की शनिवार को हुई थी हत्या हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप छोटे भाई पर लगा अनुराग की पत्नी प्रियंका पूर्व सीएम वीर बहादुर की पोती:पंकज जायसवाल की खास रिपोर्ट
INDIA NEWS REPORT
-पंकज जायसवाल(विशेष संवाददाता)
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में नृशंस हत्याकांड मामले में बड़ी बात सामने आई है। सीतापुर में एक ही परिवार के 6 लोगों की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्याकांड में मारी गई प्रियंका सिंह यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की पोती थी। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण एसटीएफ की टीम लखनऊ से मामले के खुलासे के लिए भेजी गई है। हालांकि, पुलिस की जांच में मृतक अनुराग सिंह के भाई अजीत सिंह की संलिप्तता सामने आ रही है। पुलिस अजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
प्रियंका के भाई ने किया अहम खुलासा
मृतक अनुराग के साले और प्रियंका के छोटे भाई आदित्य सिंह बताया कि हमारा ननिहाल गोरखपुर में है। पूर्व सीएम वीर बहादुर सिंह मेरे नाना और पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह मेरे मामा थे। हमने सिर्फ सही जांच की मांग की है। दरअसल, पुलिस की ओर से पहले थ्योरी दी गई थी कि अनुराग ने नशे की हालत में अपनी मां, पत्नी और तीन बच्चों की हत्या की। इसके बाद खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने अलग ही कहानी बयां की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अनुराग के सिर पर दो बुलेट शॉट पाए गए। आदित्य का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति खुदकुशी करेगा तो उसके सिर पर दो गोलियों के निशान कैसे होंगे? एक व्यक्ति सिर में दो गोली कैसे मार सकता है? इस सवाल ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़ा कर दिया।
शनिवार को घटी थी घटना
सीतापुर में शनिवार सुबह अनुराग सिंह(45) की उसमें कमरे में लाश मिली थी। बताया गया कि मां सावित्री सिंह (62) और पत्नी प्रियंका सिंह (40) को गोली मारने के बाद अनुराग ने उनका सिर हथौड़े से कूच दिया। इसके बाद तीनों बच्चों को छत से फेंक दिया। इसके बाद खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। मामला थाना रामपुर थाने का है। अनुराग गांव में रहकर 100 बीघा जमीन खेती करता था।
पत्नी प्रियंका लखनऊ में एक इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करती थी। वह तीन बच्चों को लेकर अलीगंज में सरगम परिसर में रहती थी। उसके तीनों बच्चे सीएमएस की अलीगंज ब्रांच में पढ़ते थे। शुक्रवार सुबह प्रियंका बच्चों को लेकर गांव पहुंची थी। शनिवार सुबह घर में सभी की लाश से मिली।
अजीत ने कबूला है गुनाह
पुलिस हिरासत में अजीत ने कबूल किया कि उसका अपने भाई और भाभी प्रियंका से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। घर में इस बात को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। प्रियंका के आने के बाद झगड़ा और बढ़ जाता था। इस बार प्रियंका के बच्चों के साथ घर आने पर पूरे परिवार को खत्म करने का प्लान बनाया। अब इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की थ्योरी पूरी तरह से गलत होती दिख रही है। एसटीएफ की जांच में मामले का खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाहर आया पूरा सच, किसी को हथौड़ी से मारा तो किसी को रिवॉल्वर सटाकर
सीतापुर में हुए हत्याकांड का सच अब सामने आ रहा है। हत्यारे ने परिवार के लोगों की बेहरहमी से हत्या की है। हर शख्स को मारने का तरीका अलग था। पल्हापुर गांव निवासी अनुराग सिंह (45), उसकी पत्नी प्रियंका सिंह (40), मां सावित्री (62) की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। वहीं प्रियंका के तीन बच्चों अस्वी (12), अर्ना (8) व पुत्र आद्विक (4) को छत से फेंका गया था। पुलिस के पहुंचने पर अनुराग के बड़े भाई अजीत ने बताया था कि नशे की लत की वजह से भाई अनुराग ने मां सावित्री के साथ अपनी पत्नी प्रियंका व तीन बच्चों की हत्या कर दी। इसके बाद गोली मारकर खुद आत्महत्या कर ली। उसे भी मारने का प्रयास किया लेकिन उसने कमरा बंद कर खुद की जान बचा ली। हड़बड़ाहट में पुलिस भी शुरुआत में इन हत्याओं के लिए अनुराग को ही जिम्मेदार ठहरा रही थी। लखनऊ से डीजीपी प्रशांत कुमार के हस्तक्षेप के बाद आईजी तरुण गाबा खुद जांच करने पहुंचे। रविवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी पुलिस की पूरी थ्योरी पलट दी। अनुराग के सिर में दो गोलियां मारे जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने अनुराग के ताऊ आरपी सिंह, अजीत और उसकी पत्नी के साथ दो नौकरों समेत कई अन्य को हिरासत में लिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि अजीत ने ये हत्याएं किस तरह से की थीं। हैरत की बात यह है कि उसने अपने ही परिवार के लोगों की हत्याएं इतनी क्रूर और घिनौने तरीके से की हैं कि लोग हैरत जता रहे हैं।
प्रियंका : पहले हथौड़ी से सिर पर वार, फिर छाती में सटाकर मारी गोली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अनुराग की पत्नी प्रियंका के सिर व चेहरे पर पहले भारी वस्तु से वार किया गया। उसके बाद छाती पर बाएं तरफ सटाकर गोली मारी गई। इससे बुलेट प्वाइंट झुलसा हुआ था। एसटीएफ के एक पूर्व अधिकारी बताते हैं कि हो सकता है कि अनुराग की हत्या के समय प्रियंका जग गई हो। ऐसे में हत्यारों ने उसके सिर पर वार कर बहोश किया हो और जिंदा बचने की आशंका में छाती से सटाकर गोली मारी हो। वैसे भी प्रियंका के शव के पास हथौड़ा मिला था।
अराना : पैर तोड़ा और फिर गर्दन से सटाकर फायर अनुराग की बड़ी बेटी 12 वर्षीय अराना की हत्या बड़ी ही बेरहमी से की गई। पहले उसके पैर तोड़े गए और फिर बाएं तरफ गर्दन पर सटाकर गोली मारी गई जो सिर को चीरती हुई बाहर निकल गई। इसका भी बुलेट प्वाइंट झुलसा हुआ मिला। हत्यारों ने ऐसी जगह और तरीके से गोली मारी जिससे उसके बचने की गुंजाइश ही न रहे।
सावित्री : सिर के बीच में मारी गोली हत्यारों ने अनुराग की 62 वर्षीय मां के सिर के बीच में सटाकर गोली मारी। उनके भी चेहरे पर भारी वस्तु से प्रहार किया गया। हत्या के तरीके से लग रहा है कि हत्यारों का उद्देश्य स्पष्ट था कि किसी को छोड़ना नहीं है।
अश्वी-अद्विक : भारी वस्तु से चेहरे पर प्रहार अनुराग की बेटी अश्वी और छोटे बेटे अद्विक की हत्या चेहरे पर भारी वस्तु से वार कर की गई। दोनों के चेहरे पर गंभीर घाव के साथ ही पैर पर भी जख्म मिले हैं। अद्विक को जब पड़ोसी अस्पताल लेकर पहुंचे तो उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
किसी सुपारी किलर की भी हो सकती है संलिप्तता
दिल दहला देने वाले पल्हापुर हत्याकांड में जिस तरह अनुराग सहित चार लोगों को गोली मारी गई उससे स्पष्ट हो रहा है कि यह किसी शूटर का काम है। अनुराग, प्रियंका, अराना व सावित्री को गोली मारने का तरीका और जगह ऐसी थी कि उसमें बचने की गुंजाइश ही नहीं रहती। क्राइम विशेषज्ञ आशुतोष त्रिपाठी बताते हैं कि इसमें किसी सुपारी किलर की भी संलिप्तता हो सकती है।
एक्सपर्ट ने की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अनुराग की मौत का कारण सिर में गोली लगना बताया गया है। उसके सिर में दो गोलियां लगी हैं। एक आरपार हुई है और दूसरी फंसी है। एक्सरे में जिसका पता चला है। किसी भी क्राइम थिअरी में यह संभव ही नहीं है कि आत्महत्या करने वाला सिर में दो गोलियां मारे। पीएम रिपोर्ट के अनुसार पहली गोली दूर से मारी गई है और दूसरी पास से। ऐसे में किसी ने अनुराग को गोली मारी है। उसने खुद ऐसा नहीं किया- पीपी सिंह, सेवानिवृत्त एसपी


