VARANASI: विधुतकर्मीयो ने भिखारीपुर पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया
विधुतकर्मियो का निजीकरण विरोध एवं बिना संसाधन उपलब्ध कराये फेसिअल अटेंडेंस को बाध्यकारी बनाकर वेतन रोकने के विरोध में प्रबन्ध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किय:-जयचन्द की रिपोर्ट
INDIA NEWS REPORT
वाराणसी से जयचन्द की रिपोर्ट
बनारस के बिजलिकर्मियो ने बिजली के निजीकरण विरोध एवं बिना संसाधन उपलब्ध कराये फेसिअल अटेंडेंस को बाध्यकारी बनाकर वेतन रोकने के विरोध में प्रबन्ध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
कल से बनारस के समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता कार्यालय पर बिजलकर्मी शाम-5बजे एक साथ बिजली के निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में करेंगे विरोध प्रदर्शन।
निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियो के वापस होने तक संघर्ष जारी रखने का बिजलिकर्मियो ने लिया संकल्प।
वाराणासी-4अगस्त। विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले आज बनारस के बिजलिकर्मियो ने बिजली के निजीकरण विरोध एवं बिना संसाधन उपलब्ध कराये फेसिअल अटेंडेंस को बाध्यकारी बनाकर वेतन रोकने के विरोध में प्रबन्ध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के वापस होने तक जारी रहेगा बिजलिकर्मियो का संघर्ष।
वक्ताओ ने बताया कि बनारस के समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता कार्यालय पर बिजलकर्मी शाम-5बजे एक साथ बिजली के निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
संघर्ष समिति के वक्ताओ ने बताया कि प्रबन्ध निदेशक महोदय को भ्रम है कि बिजलीकर्मी फेसिअल अटेंडेंस का विरोध कर रहे है क्योंकि बिजलकर्मी अपने कार्यालयों में समय से जा ही रहे है उसका विरोध नही कर रहे है बल्कि उसके संचालन हेतु संशाधन जैसे फेसियल अटेंडेंस लगाने हेतु मोबाईल या कैमेरायुक्त कम्प्यूटर कार्यालयों में लगाने की मांग कर रहे है , क्या संशाधन की व्यवस्था करना प्रबन्धन की जिम्मेदारी नही है ? साथ ही प्रबन्धन से पूछ रहे है कि क्या फील्ड में कार्यरत बिजलकर्मी सुबह-10बजे से 5बजे तक का फेसिअल अटेंडेंस लगा दे तो शाम-5बजे के बाद बन्द होने वाली लाइन का अनुरक्षण कौन करेगा क्या ब्रेकडाउन होने पर किसी सहायक अभियंता, अवर अभियंता और लाइनमैन को शाम-5बजे के बाद नही बुलाया जाएगा ? क्या इन बातों हेतु अश्वासन पत्र पुर्वांचल के प्रबन्ध निदेशक जारी करेंगे?
वक्ताओ ने बताया कि 20जून2025 को प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल से संघर्ष समिति वाराणासी के पदाधिकारियों की वार्ता में यह तय हुआ था कि जब तक विधुत कार्यालयों और उपकेंद्रों पर संशाधन उपलब्ध नही कराया जाता तब तक फेसियल अटेंडेंस को बाध्यकारी नही बनाया जाएगा फिर भी वेतन रोकना कतई उचित नही है।
सभा को संबोधित करते हुये वक्ताओ ने कहा कि शीर्ष प्रबन्धन की निजी घरानों के साथ मिलीभगत है और आठ माह से निजीकरण न कर पाने के कारण हताश प्रबंधन बिजली कर्मियों का लगातार उत्पीड़न कर रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि उत्पीड़न का उद्देश्य बिजली कर्मियों का मनोबल तोड़ना है किंतु बिजली कर्मी किसी कीमत पर निजीकरण स्वीकार नहीं करेंगे।
उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त कराने हेतु संघर्ष समिति की मांग है कि मार्च 2023 की हड़ताल के बाद ऊर्जा मंत्री द्वारा समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के वापस लिये जाने के निर्देश के अनुपालन में समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस ली जाय।
निजीकरण के नाम पर 55 साल की उम्र और डाउन साइजिंग के नाम पर हटाये गये सभी संविदा कर्मी बहाल किये जाय।
उत्पीड़न की दृष्टि से बिजली कर्मियों के किये गये सभी ट्रांसफर निरस्त किये जाय।
फेसियल अटेंडेंस के नाम पर जून और जुलाई माह का रोका गया वेतन तत्काल बिजली कर्मियों को दिया जाये।
उत्पीड़न के नाम पर स्टेट विजिलेंस की जांच कराकर शीर्ष पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई फर्जी एफ आई आर वापस ली जाए।
रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने की दृष्टि से धमकी देकर जोर जबरदस्ती से स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही तत्काल बन्द की जाय। सभा की अध्यक्षता ई0 आर0बी0यादव ने एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया।
सभा को सर्वश्री ई0 राजेन्द्र सिंह,ई0 एस0के0सिंह,ई0पंकज जैसवाल,वेदप्रकाश राय, रविन्द्र यादव,रामकुमार झा,राजेश सिंह,हेमंत श्रीवास्तव, संदीप सिंह,प्रदीप कुमार,पंकज जैसवाल,ई0दीपक गुप्ता, मनोज यादव,मनोज जैसवाल, अनिल कुमार,प्रमोद कुमार उमेश यादव,पंकज,उदयभान दुबे आदि ने संबोधित किया।


