विधुत संघर्ष समिति संविदाकर्मियों की छटनी को लेकर दिया 48 घण्टे का अल्टीमेटम!
विधुतकर्मियो का अल्टीमेटम:जयचन्द की रिपोर्ट
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द:वाराणसी
विधुत संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल अधीक्षण अभियंता मंडल द्वितीय से मिलकर संविदाकर्मियों की छटनी को लेकर द्विय 48घण्टे का अल्टीमेटम, संघर्ष समिति ने कहा 48घण्टे के अंदर कैश काउंटर ऑपरेटर और संविदाकर्मियों के हितों की रक्षा करें अधीक्षण अभियंता
संघर्ष समिति के बैनर तले आज सिगरा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर 369वें दिन भी बनारस के बिजलीकर्मी ने निजीकरण के विरुद्ध किया प्रदर्शन
वाराणासी-01 दिसम्बर2025। विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष के लगातार 369 वें दिन भी आज बनारस के बिजलीकर्मी ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय सिगरा पर किया जमकर विरोध प्रदर्शन।
मीडिया सचिव अंकुर पाण्डेय ने बताया कि आज जहाँ एक ओर बनारस के बिजलकर्मियो ने निजीकरण के विरुद्ध चल रहे आंदोलन के 369वें दिन भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय सिगरा पर जमकर प्रदर्शन किया वही दूसरी ओर अधीक्षण अभियंता नगरीय विधुत वितरण मंडल-द्वितीय वाराणासी से मंडल के अंतर्गत मानक के विरुद्ध 718 संविदाकर्मियों की जगह मात्र 489 संविदाकर्मियों का टेंडर कर वर्तमान में कार्यरत 641 संविदाकर्मियों में से 152 संविदाकर्मियों को निकालने के आदेश के विरुद्ध संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल अधीक्षण अभियंता से मिलकर सभी वर्तमान संविदाकर्मियों एवं कैश काउंटर ओपरेटर की जगह फिनटेक कम्पनी से राजस्व संग्रहण का कार्य कराने के आदेश को 48घंटे के अंदर निरस्त कराने का आग्रह किया यदि यह आदेश निरस्त नही होता है तो 48 घण्टे बाद समस्त बिजलीकर्मी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आन्दोलन शुरू करेंगे।
निजीकरण के विरुद्ध जारी विरोध सभा को संबोधित करते हुये वक्ताओ ने बताया कि उपभोक्ताओं के लिए 01 दिसंबर से प्रारंभ बिजली बिल राहत योजना में आज पहले दिन प्रदेश भर में बिजली कर्मियों ने उपभोक्ताओं को इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराने हेतु प्रेरित किया। बिजली कर्मी पूरे दिन काम में लगे रहे तथा निजीकरण के विरोध में कार्यालय समय के उपरांत समस्त जनपदों में प्रदर्शन किया गया।
संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन निजी घरानों के साथ मिली भगत में प्रदेश के मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर एक लाख करोड रुपए की परिसंपत्तियों को कौड़ियों के मोल बेचना चाहते हैं।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बताया कि उप्र पॉवर कॉरपोरेशन ने बिजनेस प्लान के तहत पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के लिए 824.65 करोड रुपए और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के लिए 819 करोड रुपए का बिजनेस प्लान स्वीकृत किया है। बिजनेस प्लान के तहत इन दोनों विद्युत वितरण निगमों में बिजली व्यवस्था में सुधार हेतु कार्य किया जाना है। संघर्ष समिति ने कहा कि इन दोनों विद्युत वितरण निगमों में बिजनेस प्लान के तहत 16.43 अरब रुपए खर्च करने के बाद इन निगमों को निजी घरानों को कौड़ियों के मोल बेचना कदापि स्वीकार्य नहीं है।
संघर्ष समिति ने कहा कि भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत विद्युत वितरण निगमों में नए बिजली उपकेंद्रों को बनाने और बने हुए बिजली उपकेंद्रों को सुधार करने और उनका नवीनीकरण करने का कार्य किया जा रहा है। इस हेतु भी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के लिए भारत सरकार ने 7089 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
आरडीएसएस योजना के अंतर्गत पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के लिए 3842 करोड रुपए और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के लिए 3247 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधि मंडल में सर्वश्री ई0 मायाशंकर तिवारी,राजेन्द्र सिंह,अंकुर पाण्डेय,संदीप कुमार, राजेश सिंह,जमुना पाल, धर्मेन्द्र यादव,अभिषेक सिंह,मनोज जैसवाल, मनोज यादव, जितेंद्र कुमार आदि रहे।


