बनारस के बिजलकर्मियो ने बिजली के निजीकरण के विरुद्ध आज 370वें किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
बनारस के संविदाकर्मियों को न्याय दिलाने हेतु आज माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने का उनके व्यस्त शेड्यूल के कारण नही मिल सका समय संघर्ष समिति को ,आगामी दौरों पर पुनः मिलने का किया जाएगा प्रयास :जयचन्द की रिपोर्ट
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द:वाराणसी
टोरेंट पावर कंपनी ने बिजली बिल राहत योजना में उपभोक्ताओं को रियायत देने से किया मना: संघर्ष समिति ने टोरेंट पावर कंपनी का फ्रेंचाइजी करार रद्द करने की मुख्यमंत्री से की मांग :जयचन्द की रिपोर्ट
वाराणसी-02दिसम्बर2025: विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0के बैनर तले आज संघर्ष समिति के आह्वान पर लगातार 370 वें दिन बिजली कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में समस्त जनपदों की भांति ही बनारस के बिजलकर्मियो द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। संघर्ष समिति की निर्देश के अनुसार बिजली कर्मियों ने बिजली बिल राहत योजना 2025 में उपभोक्ताओं का सभी जनपदों में पूरा सहयोग किया।
वक्ताओ ने बताया कि बनारस में बिजलकर्मियो के साथ हो रहे अन्याय जैसे माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश के वावजूद संविदाकर्मियों की छटनी कर बनारस बिजली व्यवस्था ध्वस्त करने के साथ ही निर्दोष संविदाकर्मियों को बेरोजगार करने की नीयत को देखते आज प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी से मुलाकात करने का प्रयास एल0आई0यू0 के माध्यम से किया गया किन्तु माननीय मुख्यमंत्री जी के अतिव्यस्त शेड्यूल होने के का कारण आज मुलाकात नही हो सकी किन्तु आगामी बनारस दौरों के मध्यनजर जिला प्रशासन और एल0आई0यू0के माध्यम से निर्दोष संविदाकर्मियों को न्याय दिलाने हेतु पुनः प्रयास किया जाएगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने बताया कि यह जानकारी मिली है कि टोरेंट पावर कंपनी द्वारा आगरा में बिजली बिल राहत योजना में उपभोक्ताओं को लाभ देने से मना किया जा रहा है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि पॉवर कारपोरेशन के बकाए की बड़ी धनराशि न देने, टोरेंट पावर कंपनी की कई अन्य अनियमितताओं को देखते हुए तथा अब उप्र सरकार द्वारा उपभोक्ताओं के हित में लाई गई बिजली बिल राहत योजना 2025 के तहत आगरा में उपभोक्ताओं को लाभ देने से मना करने पर टोरेंट पावर कंपनी का फ्रेंचाइजी करार तत्काल निरस्त किया जाय।
संघर्ष समिति ने बताया कि यह जानकारी मिली है कि टोरेंट पावर कंपनी ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से यह कहा है कि बिजली बिल राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलने वाली 25% छूट की धनराशि पॉवर कारपोरेशन टोरेंट कंपनी को उपलब्ध कराए तब टोरेंट कंपनी बिजली बिल राहत योजना लागू करने को तैयार है अन्यथा की स्थिति में टोरेंट पावर कंपनी इस छूट को अपने खाते से नहीं देगी।
संघर्ष समिति ने कहा कि यह बेहद गंभीर बात है और इससे निजी घरानों का उपभोक्ताओं के प्रति असहिष्णु दृष्टिकोण उजागर हो गया है। उप्र सरकार और मा मुख्यमंत्री जी द्वारा उपभोक्ताओं के हित में लाई गई बिजली बिल राहत योजना को मानने से मना करने वाली टोरेंट पावर कंपनी का फ्रेंचाइजी करार उपभोक्ताओं के व्यापक हित में तत्काल निरस्त किया ही जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने कहा कि निजी कंपनी का उपभोक्ताओं के प्रति यह रवैया देखते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय उपभोक्ताओं के व्यापक हित में तत्काल निरस्त किया जाए।
संघर्ष समिति ने कहा कि 01 अप्रैल, 2010 को जब आगरा की विद्युत वितरण व्यवस्था टोरेंट कंपनी को हैंडोवर की गई थी तब पावर कारपोरेशन का बिजली राजस्व का लगभग 2200 करोड रुपए बकाया था। फ्रेंचाइजी करार के अनुसार यह धनराशि टोरेंट कंपनी को वसूल कर पावर कारपोरेशन को देनी थी और पावर कॉरपोरेशन टोरेंट कंपनी को 10% धनराशि इंसेंटिव के रूप में वापस करता। अब लगभग 16 साल गुजरने जा रहे हैं और टोरेंट पावर कंपनी ने एक पैसा भी नहीं दिया है।
संघर्ष समिति ने कहा कि इसके अलावा भी टोरेंट पावर कंपनी करार की शर्तों का लगातार उल्लंघन कर रही है और टोरेंट पावर के करार में हुए घोटाले पर कैग ने भी अपनी रिपोर्ट दी है। इन सब बातों को देखते हुए अब समय आ गया है जब टोरेंट पावर कंपनी का फ्रेंचाइजी करार तत्काल निरस्त किया जाए।
सभा को सर्वश्री ई0 मायाशंकर तिवारी, ओ0पी0सिंह,एस0के0सिंह,अंकुर पाण्डेय,राजेश सिंह,संदीप कुमार, जयप्रकाश सिंह,सरोज भूषण, कृपाल सिंह,उमेश यादव,गुलजार अहमद,मनोज यादव, आदि ने संबोधित किया।


