वाराणसी में 300+ पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ की ठगी, फर्जी होम लोन और रजिस्ट्री के नाम पर मां-बेटे का गिरोह सक्रिय
बैंक से 15-15 लाख का लोन पास कराकर खाते खाली किए, फर्जी मकान दिखाकर ठगी। विभागीय मिलीभगत की भी जांच जारी :जयचन्द वाराणसी
INDIA NEWS REPORT
एक सोच -एक सच
जयचन्द: वाराणसी। वाराणसी में फर्जी होम लोन और मकान रजिस्ट्री के नाम पर 300 से अधिक पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित पुलिसकर्मियों की शिकायत पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
कैंट और पर्यटक थाने में तैनात आरक्षियों सहित कई कर्मियों को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने इनके नाम पर सरकारी बैंकों से 15-15 लाख रुपये का होम लोन पास करवा दिया। लोन की रकम खाते में आते ही आरोपी पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर 7.50 लाख से 13 लाख रुपये तक अपने निजी खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
इसके बाद जिन मकानों को खरीदने के लिए लोन लिया गया था, उनकी जांच में पता चला कि उनका असली मालिक कोई और है। इस कारण पीड़ित पुलिसकर्मियों को न तो मकान मिल सका और न ही रजिस्ट्री हो सकी। उल्टा उनके सिर पर बैंक का कर्ज चढ़ गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के खिलाफ अब तक आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। ठगी की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित कर्मियों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घोटाले में विभाग के ही कुछ अंदरूनी लोगों का संरक्षण गिरोह को प्राप्त था। इसी कारण आरोपी आसानी से पुलिसकर्मियों तक पहुंच पा रहे थे।
फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहा है। मां-बेटे समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही बैंक और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी बैंकों और रजिस्ट्री कार्यालयों को अलर्ट कर दिया है।


