GEN-Alpha के सवाल से मचा हड़कंप "सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क?"
छाता को माइक बनाकर बच्चियों ने ऐसी ग्राउंड रिपोर्टिंग की प्रशासन भी शर्मिंदा हुआ,दो दिन में सुरु हुआ सड़क बनाने का कार्य
INDIA NEWS REPORT
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कर्जत तालुका स्थित कोंडीवडे गांव की 3 दसवीं की छात्राओं ने ऐसा रिपोर्टिंग की कि प्रशासन को रातों-रात सड़क बनवानी पड़ी।
क्या है पूरा मामला
बारिश के कारण कर्जत की खांडपे-कोंडीवाडे सड़क पूरी तरह टूट गई थी। छात्रों और ग्रामीणों को रोज आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही थी। तब गांव की तीन छात्राओं -नेहा घारे, मानसी पवार और ज्योत्स्ना मुकाने ने जिम्मेदारी खुद उठाई।
- नेहा घारे बनीं रिपोर्टर
- मानसी पवार ने मोबाइल से वीडियो शूट किया
- छाते को माइक बनाकर बूम रिपोर्टिंग की
वीडियो में नेहा ने तीखे व्यंग्य के साथ पूछा: _"सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क?" यही एक लाइन सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
वीडियो वायरल होते ही स्थानीय विधायक महेंद्र थोर्वे और जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया।
1. रातों-रात गड्ढे भरने का काम शुरू हुआ
2. मरम्मत पूरी कर सड़क आवागमन के लिए ठीक की गई
3. प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मानसून के बाद सड़क का स्थायी और पूर्ण पुनर्निर्माण किया जाएगा
GEN-Alpha की ताकत
छाते-माइक और फोन से की गई 1 मिनट की रिपोर्टिंग ने दिखा दिया कि आवाज़ उठाने का तरीका कितना असरदार हो सकता है। बिना किसी प्रदर्शन के, सिर्फ व्यंग्य और सच से प्रशासन हरकत में आ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सालों से चली आ रही समस्या को इन बच्चियों ने एक वीडियो से हल करवा दिया।
क्या ऐसी और "ग्राउंड रिपोर्टिंग" होनी चाहिए ताकि सिस्टम जल्दी जागे?
देखिये Gen -Alpha की ग्राउंड रिपोर्टिंग-
"सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क?" ???? छाते से रिपोर्टिंग ने हिला दिया सिस्टम
https://youtube.com/shorts/z6l7gVTyhjY?si=Pg9UqyV2HI5Te94T


