वाराणसी कचहरी में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच की मांग, बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने पत्र लिखा
अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से औचक निरीक्षण और नमूना जांच कराने की मांग की
INDIA NEWS REPORT
कुलदीप बरनवाल
वाराणसी, 13 अगस्त 2026। वाराणसी कचहरी परिसर में बिकने वाले चाय, दूध, नाश्ता, भोजन और मिठाई की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने इस संबंध में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, वाराणसी को प्रार्थना-पत्र भेजकर तत्काल जांच की मांग की है।।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि कचहरी में रोजाना बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी और वादकारी आते हैं। यहां मिलने वाले खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और शुद्धता सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ी है। परिसर में दूध और चाय की गुणवत्ता को लेकर मिलावट और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सामग्री के इस्तेमाल की आशंकाएं लगातार सामने आ रही हैं।।
उन्होंने मांग की कि सक्षम खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम कचहरी परिसर का औचक निरीक्षण करे। दूध, चाय, खाद्य तेल, मिठाई और नाश्ते के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच कराई जाए। जांच में मिलावट या मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। साथ ही परिसर में खाद्य गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।।
श्री त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराने का मामला नहीं है, बल्कि न्यायहित और जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। इसलिए जांच निष्पक्ष और तथ्यपरक हो।
प्रार्थना-पत्र की प्रतिलिपि मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय इलाहाबाद, रजिस्ट्रार जनरल उच्च न्यायालय, जिलाधिकारी वाराणसी, खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर प्रदेश और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को भी सूचना एवं कार्रवाई के लिए भेजी गई है।


