"ठंडे नहीं, 2 गर्म समोसे चाहिए" —मामले में मारपीट बात पर कोर्ट पहुंचा मामला, दुकानदार समेत 5 पर FIR

वाराणसी के जाल्हूपुर बाजार में समोसे को लेकर हुई मारपीट और लूट का आरोप। पुलिस ने पहले नहीं सुनी तो वकील पहुंचा अदालत, 6 महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा

"ठंडे नहीं, 2 गर्म समोसे चाहिए" —मामले में मारपीट बात पर कोर्ट पहुंचा मामला, दुकानदार समेत 5 पर FIR
वाराणसी समोसा विवाद

                        INDIA NEWS REPORT

 कुलदीप बरनवाल

 UP65- जिला-बनारस, 19 अगस्त वाराणसी से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पहले हंसी आएगी, फिर सोचने पर मजबूर कर देगा। यहां "दो गर्म समोसे" मांगने की बात इतनी बढ़ गई कि मामला सीधे अदालत तक पहुंच गया। कोर्ट के आदेश पर अब मिठाई दुकान के मालिक समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

मामला क्या है

पाण्डेयपुर निवासी अधिवक्ता शिवशंकर सिंह ने बताया कि वह 22 फरवरी को चंदौली से वाराणसी लौट रहे थे। रास्ते में भूख लगी तो चौबेपुर थाना क्षेत्र के जाल्हूपुर बाजार में एक मिठाई की दुकान पर रुके।

आरोप के मुताबिक उन्होंने दुकानदार से साफ कहा, "ठंडे नहीं, दो गर्म समोसे दे दो"। लेकिन उन्हें ठंडे समोसे थमा दिए गए। जब उन्होंने एतराज जताकर समोसे वापस किए तो दुकान मालिक गुप्तेश्वर सिंह भड़क गया और बदतमीजी शुरू कर दी।

मारपीट और लूट का आरोप

शिवशंकर सिंह का कहना है कि बहस के बाद दुकान मालिक, उसका बेटा सोमेश्वर सिंह, एक कर्मचारी और 2 अन्य लोग मिलकर उनसे मारपीट करने लगे। इस दौरान उनकी जेब से 19,500 रुपये निकाल लिए गए और गले से सोने की चेन भी छीन ली गई।

घटना के बाद वह चौबेपुर थाने शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने करीब 3 घंटे तक बैठाए रखने के बाद भी FIR दर्ज नहीं की।

कोर्ट ने दिया आदेश, तब दर्ज हुई FIR

लगातार सुनवाई न होने पर अधिवक्ता ने एसीजेएम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। करीब 6 महीने बाद कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चौबेपुर थाने को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने दुकान मालिक गुप्तेश्वर सिंह, बेटे सोमेश्वर सिंह समेत कुल 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है

पुलिस ने आरोपियों पर BNS की धारा 191(2), 115(2), 352, 351(3) और 309(4) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में गैरकानूनी जमाव, चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी और लूट से जुड़े आरोप शामिल हैं।

 वाराणसी पुलिस आयुक्त साहब का कहना है कि हर फरियादी की बात सुनी जाए कार्यवाही हो तो आखिर ममला कोर्ट क्यों पहुंचा जिम्मेदार कौन? 

फरियादी एक वकील है कोर्ट तक चले गये आम लोगो के साथ भी यही होता है लेकिन कोई सुनवाई नही!

अब आगे क्या

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं इस "समोसा विवाद" ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है कि छोटी सी बात कैसे कोर्ट तक पहुंच गई।