वाराणसी में नकली स्पेशल क्राइम ब्रांच का सरगना असली दरोगा गिरोह बनाकर लुट की घटना को दिया अंजाम दो साथियों सहित गिरफ्तार

2019 बैच का दरोगा नकली क्राइम ब्रांच दरोगा बन देता था वारदात को अंजाम, गैंग बनाकर करता था वारदात, कारोबारी के 42 लाख लूटे,हुआ गिरफ्तार 40 घंटे चली पूछताछ:रिपोर्ट जगदीश शुक्ला

वाराणसी में नकली स्पेशल क्राइम ब्रांच का सरगना असली दरोगा गिरोह बनाकर लुट की घटना को दिया अंजाम दो साथियों सहित गिरफ्तार
वाराणसी में नकली स्पेशल क्राइम ब्रांच का सरगना असली दरोगा गिरोह बनाकर लुट की घटना को दिया अंजाम दो साथियों सहित गिरफ्तार

INDIA NEWS REPORT

Report: Jagdish Shukla

Updated:24 july 2024

सन 2013 में अक्षय कुमार की फ़िल्म 'स्पेशल 26' फ़िल्म आयी थी जिसमे ठगों का समूह नकली सीबीआई ऑफिसर बनकर राजनीतिज्ञों तथा व्यवसायियों के काले धन को लूटने के लिए छापा मारता है। असली सीबीआई उनकी तलाश करती है और वे अपनी सबसे बड़ी डकैती को पूरा करने का फैसला करते हैं। कुछ इसी तरह वाराणसी में भी हुआ लेकिन यहाँ नकली की जगह असली दरोगा ने ही बना लिया गिरोह और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से पहले ही 2 साथियों के साथ हुआ गिरफ्तार।

वाराणसी में वर्दी की आड़ में दरोगा ही लूट का गिरोह चला रहा था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है। पूछताछ में पता चला कि दरोगा ने 4 शातिर युवकों के साथ नकली 'स्पेशल क्राइम ब्रांच' बनाई और हाईवे पर लूट की वारदात शुरू कर दी। दोस्त रेकी करते थे। फिर दरोगा साथियों के साथ छापेमारी करता और जब्त माल को आपस में बांट लेते थे।

आरोपी दरोगा की पहचान सूर्य प्रकाश पांडे के रूप में हुई है। 22 जून को दरोगा ने जीटी रोड पर ज्वेलरी कारोबारी के कर्मचारियों से 93 लाख रुपए पकड़े थे। हवाला का पैसा बताकर 42.50 लाख रुपए रख लिए और 50 लाख लौटा दिए। कारोबारी ने मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच शुरू की। वारदात के वक्त दरोगा का नंबर घटनास्थल पर मिला।

इसके बाद कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद पुलिस ने दरोगा और उसके 2 साथियों को हिरासत में लिया। 40 घंटे तक पूछताछ की। दरोगा से अब तक 8 लाख बरामद हो चुके हैं। उसके 2 साथी अभी भी फरार हैं। दरोगा 2019 बैच में भर्ती हुआ और प्रयागराज का निवासी है।

पुलिस ने लूट का किया खुलासा, 3 लोग गिरफ्तार, 2 फरार

22 जून को 42 लाख की लूट में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया जबकि 2 आरोपी अभी फरार हैं। बुधवार को डीसीपी काशी गौरव बंशवाल और एडीसीपी नीतू कादयान ने लूट का खुलासा कर दिया। डीसीपी ने बताया- 24 जुलाई को रामनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चौकी भीटी के पास बंदरगाह रोड पर दबिश देकर 3 आरोपियों को पकड़ लिया। इनके पास से 8 लाख 5 हजार नगद, 2 पिस्टल 32 बोर, जिंदा कारतूस और बाइक बरामद किया गया है। अभियुक्त विकास मिश्रा के पास से लूट के 5,70,000 रुपए नगद व एक पिस्टल 32 बोर और जिंदा कारतूस मिला। जबकि अजय गुप्ता के पास से 2 लाख रुपए नगद और सूर्य प्रकाश पांडेय के पास से 35 हजार नगद, पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हम लोगों के साथ निलेश यादव, मुकेश दुबे उर्फ हनी व योगेश पाठक उर्फ सोनू पाठक भी शामिल थे।

मोबाइल बंद कराकर, धमकाकर 42 लाख लुटा

पुलिस ने बताया कि 22 जून की रात नीचीबाग कूड़ाखाना गली निवासी सर्राफ कारोबारी जयपाल ने अपने 2 कर्मचारियों को 93 लाख रुपए का देकर बस में बैठाया। दोनों वाराणसी से कोलकाता जा रहे थे। कारोबारी जयपाल कर्मचारी अविनाश और धनंजय को बैठाकर घर आ गए। थोड़ी देर बाद अ‌विनाश ने कारोबारी को फोन किया। कहा- पुलिस ने कैश पकड़ लिया है। एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में और 2 सादे कपड़े में थे। उन्होंने खुद को चंदौली के सैयदराजा थाना की क्राइम टीम का हिस्सा बताया और हमें बस से नीचे उतार लिया। बिना नंबर प्लेट की कार में बैठाया। हमारे मोबाइल बंद करा दिए। हम दोनों से पूछताछ की। डरा-धमाकर 90 लाख में से 42 लाख 50 हजार रुपए ले लिए और फरार हो गए। हमने उन्हें बताया कि लीगल पैसा है, उन्हें डॉक्यूमेंट्स भी दिखाया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और पैसे लेकर चले गए।