वाराणसी के बिजलिकर्मियो ने प्रदेश के समस्त बिजलिकर्मियो की भांति निजीकरण के विरोध करते हुये हाथ मे तिरंगा लेकर काकोरी क्रांति के अमर शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेन्द्र लाहिड़ी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए
शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिये बिजली सार्वजनिक क्षेत्र में रहना जरूरी : विजन डॉक्यूमेंट 2047 में सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी भूमिका
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
वाराणासी-8अगस्त। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले 8 अगस्त को बनारस के समस्त कार्यालयों पर बिजलीकर्मियों ने तिरंगा लेकर बिजली के निजीकरण का विरोध किया साथ ही बिजली कर्मियों ने काकोरी क्रांति के अमर शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेन्द्र लाहिड़ी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सभा के बाद बिजली कर्मी अमर शहीदों के जिंदाबाद के नारे लगाते हुए रैली के रूप में शहीद स्मारक तक गए। शहीद स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद सभा समाप्त हो गई।
वक्ताओ ने कहा कि बिजलकर्मी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अपील की है कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 में सबसे बड़ी भूमिका बिजली की होगी और इस हेतु बिजली सार्वजनिक क्षेत्र में बनाये रखना बेहद जरूरी है।
वक्ताओ ने बताया कि आज प्रदेश के समस्त जिलो के बिजलिकर्मियो ने "अंग्रेजों भारत छोड़ो" की पूर्व संध्या पर प्रदेश भर में "कार्पोरेट घरानों - सार्वजनिक क्षेत्र में पॉवर सेक्टर छोड़ो" अभियान चलाया।
संघर्ष समिति ने कहा कि मा योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बिजली कर्मियों ने सार्वजनिक क्षेत्र में उप्र में बिजली के क्षेत्र में सतत सुधार किया है। बिजली कर्मियों के पिछले आठ वर्षों के प्रयास का परिणाम है कि ए टी एंड सी हानियां 41% से घटकर 15% तक आ गई हैं जो राष्ट्रीय मानक है।
पहले सबसे अधिक बिजली आपूर्ति और सबसे अधिक उपभोक्ताओं को बिजली देने का कीर्तिमान महाराष्ट्र के पास था । आठ वर्षों में बिजली कर्मियों के परिश्रम से आज उप्र देश में सबसे अधिक उपभोक्ताओं को सर्वाधिक बिजली आपूर्ति करने वाला प्रान्त बन गया है। यह सब कीर्तिमान बिजली के सार्वजनिक क्षेत्र में रहने के कारण ही बन पाये हैं।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर आज प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मी तिरंगा लेकर निकले। काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरे होने और भारत छोड़ो आंदोलन की पूर्व संध्या पर संघर्ष समिति ने कहा कि अमर शहीदों के सपनों के भारत में बिजली मौलिक अधिकार होना चाहिए । इस हेतु किसानों, गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलना बहुत जरूरी है जो सार्वजनिक क्षेत्र में ही सम्भव है। निजी घरानों के लिये बिजली एक व्यापार है।
निजीकरण हुआ तो मा योगी आदित्यनाथ जी के विजन 2047 के बजाय प्रदेश लालटेन युग में चला जायेगा।
संघर्ष समिति के आह्वान पर आज प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मियों ने तिरंगा सभा और रैली निकालकर "कार्पोरेट घरानों - सार्वजनिक क्षेत्र में पॉवर सेक्टर छोड़ो" का शंखनाद किया। बिजली कर्मी 08 अगस्त से 15 अगस्त तक यह अभियान चलायेंगे जिसके अंतर्गत किसानों और उपभोक्ताओं को निजीकरण से होने वाले नुकसान से अवगत कराया जाएगा।
आज के कार्यक्रम को ई0 एस0के0सिंह,ई0नीरज बिंद, राजेन्द्र सिंगज,अंकुर पाण्डेय,विवेक ,धर्मेन्द्र यादव,देवेंद्र सिंह,रामाशीष कुमार,विपिन सिंह, योगेन्द्र, के0पी0 बैजू,पंकज सिंह,पंकज यादव,जितेंद्र सिह, रवि कुमार,मो0 हारिश, अरुण कुमार, रमेश सिंह, आदि ने सफल बनाया।
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