दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शनों पर सुरक्षा को लेकर अधिवक्ता का अभ्यावेदन, गृह विभाग ने पुलिस आयुक्त को भेजा

डीपफेक, साइबर स्पेस और दुष्प्रचार से निपटने के लिए CCTV, वीडियो रिकॉर्डिंग और एजेंसियों में समन्वय के सुझाव

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शनों पर सुरक्षा को लेकर अधिवक्ता का अभ्यावेदन, गृह विभाग ने पुलिस आयुक्त को भेजा

INDIA NEWS REPORT

वाराणसी/नई दिल्ली, 03 अगस्त 2026 राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और डिजिटल सूचना-पर्यावरण को सुरक्षित रखने को लेकर अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने केंद्र और दिल्ली सरकार को विस्तृत अभ्यावेदन सौंपा है। 

दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने 03 अगस्त 2026 को इस अभ्यावेदन को विधिसम्मत कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस को अग्रेषित कर दिया। विभाग ने इसकी प्रति प्रेषक को भी भेजी है।

प्रकरण का विवरण- दिनांक 02 अगस्त 2026 को अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी, अधिवक्ता, प्रयागराज द्वारा यह अभ्यावेदन माननीय उपराज्यपाल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, माननीय मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस को भेजा गया था।

अभ्यावेदन में कहा गया कि वर्तमान समय में राष्ट्रीय सुरक्षा केवल पारंपरिक चुनौतियों तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया, साइबर स्पेस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीपफेक, समन्वित दुष्प्रचार और सूचना-आधारित मनोवैज्ञानिक अभियान जैसी नई चुनौतियां भी सार्वजनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

इसी के मद्देनजर अधिवक्ता ने निम्न सुझाव दिए:

  1. विधिसम्मत अनुमति के बिना कोई प्रदर्शन न हो
  2.  प्रदर्शन स्थलों पर CCTV और उच्च गुणवत्ता की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य हो
  3. विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए
  4. सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डिजिटल सामग्री की विधिसम्मत निगरानी की जाए 
  5.  आवश्यकता पड़ने पर निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित जांच और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाये

गृह विभाग की कार्रवाई- दिल्ली सरकार के गृह विभाग के Deputy Secretary (LGS) ने 03 अगस्त 2026को इस अभ्यावेदन को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त को भेजा। ईमेल की प्रति अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी को भी CC की गई है।

अधिवक्ता ने अभ्यावेदन में यह भी कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।

अब इस अभ्यावेदन के आधार पर दिल्ली पुलिस आगे विधिसम्मत कार्रवाई करेगी।