वाराणसी: राष्ट्रपति सचिवालय ने BJP नेता की जनहित याचिका यूपी सरकार को भेजी, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों पर नजर रखने के निर्देश
वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी की जनहित याचिका याचिका को राष्ट्रपति सचिवालय ने लिया संज्ञान
INDIA NEWS REPORT
वाराणसी, 04 अगस्त 2026 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फर्जी खबरों को रोकने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया है। सचिवालय ने इस याचिका को आवश्यक कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को अग्रेषित कर दिया है।
दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भाजपा विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने यह याचिका महामहिम राष्ट्रपति को भेजी थी। राष्ट्रपति सचिवालय के अवर सचिव अशोक कुमार द्वारा जारी आधिकारिक ई-मेल में कहा गया है कि याचिका पर की गई कार्रवाई की सूचना सीधे याचिकाकर्ता को दी जाए।
याचिका में क्या कहा गया? याचिका में 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संभावित दुष्प्रचार, फर्जी समाचार और भ्रामक प्रचार पर चिंता जताई गई है। इसमें विशेष रूप से आरक्षण और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल जैसे संवेदनशील मुद्दों का जिक्र करते हुए आशंका व्यक्त की गई कि चुनावी माहौल में इनका दुरुपयोग कर समाज में भ्रम, वैमनस्य और तनाव फैलाया जा सकता है।
त्रिपाठी ने याचिका में कहा कि डिजिटल युग में गलत सूचनाएं सोशल मीडिया के जरिए बेहद तेजी से फैलती हैं। समय रहते निगरानी, फैक्ट-चेक और जन-जागरूकता की व्यवस्था न होने पर सामाजिक सौहार्द, जातीय सद्भाव और कानून-व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।
सरकार से की गई मांगें याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार से निम्न मांगें की गई हैं:
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाए
-फैक्ट-चेक तंत्र* को सक्रिय रखा जाए
- भ्रामक और भड़काऊ सामग्री पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई हो
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर समय रहते कदम उठाए जाएं
"यह किसी दल के समर्थन में नहीं" -अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि यह याचिका किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं है।
"यह याचिका लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता, सामाजिक शांति, संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन झूठी सूचनाओं और सुनियोजित अफवाहों से समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिशों को रोकना राज्य का दायित्व है," उन्होंने कहा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और चुनावी माहौल को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और तथ्यपरक बनाए रखने के लिए जरूरी प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाएगी।


