दिल्ली सरकार ने अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी का पत्र दिल्ली पुलिस आयुक्त को किया अग्रेषित, जस्टिस स्वर्णा कांता मामले में डिजिटल साक्ष्य संरक्षण की मांग
बीजेपी विधि प्रकोष्ठ काशी के संयोजक ने दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित अवमानना प्रकरण में हटाए गए सोशल मीडिया पोस्टों की जांच और लॉग-मेटाडेटा सुरक्षित रखने का किया अनुरोध
INDIA NEWS REPORT
वाराणसी/नई दिल्ली/वाराणसी, 05 अगस्त 2026 दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी के विधिक प्रतिनिधित्व को दिल्ली पुलिस आयुक्त को आधिकारिक रूप से अग्रेषित कर दिया है। प्रतिनिधित्व में दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन एक संवेदनशील अवमानना प्रकरण से जुड़े संभावित डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण की मांग की गई है।
Deputy Secretary LGS द्वारा 5 अगस्त 2026 को शाम 4:41 बजे भेजे गए मेल के अनुसार, त्रिपाठी का पत्र दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजा गया। इसकी प्रतिलिपियां उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्पेशल CP लॉ एंड ऑर्डर, जॉइंट CP क्राइम और DCP साइबर सेल को भी भेजी गई हैं।
क्या है मामला
पत्र में अधिवक्ता त्रिपाठी ने कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा से संबंधित कुछ सोशल मीडिया पोस्ट कथित तौर पर हटाए गए हैं। इन पोस्टों को श्री सौम्या दास, श्री अर्नब गोस्वामी और श्री मनीष शिशोदिया द्वारा कथित रूप से किया गया बताया गया है।
त्रिपाठी ने मांग की है कि:
1. हटाए गए सोशल मीडिया पोस्टों की प्रारंभिक जांच की जाए
2. सभी संबंधित इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल संरक्षित किया जाए
3. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से लॉग, मेटाडेटा और आर्काइव्ड कंटेंट मांगा जाए
4. यदि न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप या साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास मिले तो विधिक कार्रवाई हो
5. जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से हो
उन्होंने कहा कि "न्यायपालिका की गरिमा लोकतंत्र की आधारशिला है। यह प्रतिनिधित्व किसी को दोषी ठहराने के लिए नहीं, बल्कि विधि के शासन को मजबूत करने के लिए है।
कौन हैं शशांक शेखर त्रिपाठी
शशांक शेखर त्रिपाठी, भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक और दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। वह सेंट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी के पूर्व उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।


