वाराणसी के सीवर में 12 बोरी बालू मिलने से हड़कंप, SIT जांच की मांग; DM ऑफिस में सौंपा गया ज्ञापन

शिवाला, नगवा और सरायनंदन की सीवर लाइनों में बालू, पत्थर और मलबा मिलने का मामला - वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने जताई साजिश की आशंका -डेस्क

वाराणसी के सीवर में 12 बोरी बालू मिलने से हड़कंप, SIT जांच की मांग; DM ऑफिस में सौंपा गया ज्ञापन
सीवर में 12 बोरी बालू मिलने से हड़कंप, SIT जांच की मांग; DM ऑफिस में सौंपा गया ज्ञापन , वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी

INDIA NEWS REPORT

 डेस्क

वाराणसी, 14 सितंबर 2026। काशी में सीवर लाइनों के अंदर बालू से भरी बोरियां मिलने का मामला अब प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है। शहर के कई इलाकों में सीवर जाम होने की घटनाओं के पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका जताते हुए SIT जांच की मांग की गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने इस संबंध में आज जिलाधिकारी वाराणसी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय में यह ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम (ACM-I) श्री अवधेश जी को दिया गया।

शिवाला में 12 बोरियां, अन्य जगहों पर भी मलबा

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि शिवाला क्षेत्र की मुख्य सीवर लाइन से लगभग 12 बोरी बालू बरामद की गई है। इसके अलावा नगवा, सरायनंदन सहित कई अन्य स्थानों पर भी सीवर लाइनों में बालू, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई और अन्य मलबा मिलने की सूचनाएं सामने आ रही हैं।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा, "प्रथमदृष्टया यह केवल तकनीकी खराबी का मामला नहीं लगता। इतनी बड़ी मात्रा में बोरियां और मलबा मिलना किसी सुनियोजित कृत्य की ओर इशारा करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।"

SIT गठन और वैज्ञानिक जांच की मांग

उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया जाए। इस टीम में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ नगर निगम, जलकल विभाग और तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए।

SIT से मांग की गई है कि वह -

  • 1. शहर के सभी संवेदनशील सीवर फ्लो-प्वाइंट और मैनहोल की जांच करे
  • 2. घटनास्थलों के CCTV फुटेज की समीक्षा करे
  •  3. बालू और अन्य सामग्री की खरीद-परिवहन की जांच करे
  •  4. मौके से मिले साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराए

शशांक शेखर ने कहा कि यह मामला काशी की सार्वजनिक व्यवस्था, स्वच्छता और गरिमा से जुड़ा हुआ है। यदि जांच में यह साबित होता है कि जानबूझकर सीवर को बाधित कर जलभराव और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की गई है, तो इसमें शामिल लोगों और इसके पीछे के किसी भी षड्यंत्र का पर्दाफाश कर कठोर विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि काशीवासियों के हित और शहर की सुरक्षा को देखते हुए मामले की तह तक जाना अत्यंत आवश्यक है।

बताया गया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन तथा सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है।