संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरुद्ध बनारस के बिजलकर्मियो का आंदोलन लगातार जारी,संघर्ष समिति ने कहा मानक के विपरीत संविदाकर्मियों की छटनी बन्द करे ऊर्जा प्रबंधन

माननीय प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र में बेरोजगार हो रहे संविदाकर्मी गलत कदम उठाने को मजबूर-जयचन्द की रिपोर्ट

संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरुद्ध बनारस के बिजलकर्मियो का आंदोलन लगातार जारी,संघर्ष समिति ने कहा मानक के विपरीत संविदाकर्मियों की छटनी बन्द करे ऊर्जा प्रबंधन
निजीकरण का विरोध
संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरुद्ध बनारस के बिजलकर्मियो का आंदोलन लगातार जारी,संघर्ष समिति ने कहा मानक के विपरीत संविदाकर्मियों की छटनी बन्द करे ऊर्जा प्रबंधन
संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरुद्ध बनारस के बिजलकर्मियो का आंदोलन लगातार जारी,संघर्ष समिति ने कहा मानक के विपरीत संविदाकर्मियों की छटनी बन्द करे ऊर्जा प्रबंधन
संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरुद्ध बनारस के बिजलकर्मियो का आंदोलन लगातार जारी,संघर्ष समिति ने कहा मानक के विपरीत संविदाकर्मियों की छटनी बन्द करे ऊर्जा प्रबंधन

INDIA NEWS REPORT

जयचन्द:वाराणसी

पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त कर आगरा फ्रेंचाइजी के चलते अब तक लगभग 30 अरब रुपए के घाटे को देखते हुए निजीकरण के प्रयोग की समीक्षा की जाय :संघर्ष समिति

वाराणसी-22दिसम्बर 2025 निजीकरण के विरोध में चल रहे लगातार आंदोलन के 390 वें दिन भी बनारस के बिजलकर्मियो ने विरोध जारी रखा साथ ही अधीक्षण अभियंता मंडल प्रथम और अधिशासी अभियंता परीक्षण खण्ड प्रथम से मिलकर कर्मचारी समस्याओं से अवगत कराया ,संघर्ष समिति ने कहा जहाँ एक ओर राज्य सरकार रोजगार बढ़ाने के दिशा में लगातार रोजगार मेला जैसे आयोजन करा रही है वही दूसरी ओर प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र में बेरोजगार हो रहे अल्पवेतनभोगी संविदाकर्मी गलत कदम उठाने को हो रहे मजबूर।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी से अपील की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त कर उत्तर प्रदेश में पिछले 16 साल से चल रहे आगरा फ्रेंचाइजी के निजीकरण के प्रयोग की समीक्षा की जाए जहां फ्रेंचाइजी के चलते पावर कारपोरेशन को अब तक लगभग 30 अरब रुपए का घाटा हो चुका है।

संघर्ष समिति ने कहा कि आज उप्र विधान सभा में निजीकरण पर चर्चा के दौरान ऊर्जा मंत्री ने आगरा और ग्रेटर नोएडा के निजीकरण का हवाला दिया। इसलिए और जरूरी हो जाता है कि प्रदेश में निजीकरण का नया प्रयोग करने के पहले आगरा फ्रेंचाइजी और ग्रेटर नोएडा की निजी कंपनी के परफार्मेंस की गहन समीक्षा की जाय और निजीकरण का प्रयोग विफल रहने की स्थिति में ग्रेटर नोएडा और आगरा के निजीकरण के करार रद्द किए जाय।

संघर्ष समिति ने बताया कि वर्ष 2024 - 25 में आगरा में पावर कारपोरेशन ने टोरेंट पावर कंपनी को लगभग 2500 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति की है। ध्यान देने की बात यह है कि पावर कॉरपोरेशन ने यह बिजली 05 रुपए 65 पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदा और टोरेंट पॉवर कंपनी को मात्र 04 रुपए 29 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बेचा। इस प्रकार पावर कारपोरेशन को प्रति यूनिट 01 रुपए 36 पैसे का नुकसान हुआ है। वर्ष 2024 - 25 में आगरा फ्रेंचाइजी करार के कारण इस प्रकार लगभग 340 करोड रुपए का नुकसान पावर कॉरपोरेशन ने उठाया है। चालू वित्तीय वर्ष में भी पॉवर कॉरपोरेशन लगभग 300 करोड़ रुपए का नुकसान उठा चुका है।

संघर्ष समिति ने कहा कि इसके पहले 01 अप्रैल, 2010 से 31 मार्च, 2024 तक पावर कॉरपोरेशन महंगी दरों पर बिजली खरीद कर सस्ती दरों पर टोरेंट पावर कंपनी को देता रहा और इस तरह लगभग 2434 करोड रुपए का नुकसान उठा चुका है ।

वर्ष 2024 - 25 के और चालू वित्तीय वर्ष के नुकसान को जोड़ देने पर इस मद में पॉवर कॉरपोरेशन को 3000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है। इसके अतिरिक्त पॉवर कॉरपोरेशन का राजस्व का 2200 करोड रुपए का बकाया आज तक टोरेंट पावर कंपनी ने पावर कारपोरेशन को नहीं दिया है।

संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की जल्दबाजी में है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि आगरा के निजीकरण का क्या परिणाम रहा है ? संघर्ष समिति ने कहा कि घाटे के झूठे आंकड़े देकर निजीकरण की वकालत करने वाला प्रबंधन आगरा फ्रैंचाइजी पर चुप्पी क्यों साधे हुए है।

प्रतिनिधि मंडल में सर्वश्री ओ0पी0 सिंह, जिउतलाल, अंकुर पाण्डेय,रमाकांत ,बंशीलाल,अरुण कौल, पंकज यादव,आदि उपस्थित रहे।