Lehra Do Tiranga Case: अभिजीत दिपके रिहा, SEM कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर दी जमानत, फिर लगी 1 साल शांति की शर्त
दिल्ली के 'लेहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले गिरफ्तार CJP फाउंडर अभिजीत दिपके को SEM कोर्ट ने 50 हजार के पीस बॉन्ड पर रिहा कर दिया। कोर्ट ने 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त लगाई।
Desk-नई दिल्ली। दिल्ली में 'लेहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले गिरफ्तार किए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके को शनिवार को SEM कोर्ट, मंदिर मार्ग से रिहा कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने उन्हें BNSS की धारा 126/170 के तहत गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने 10 अक्टूबर को भरे गए 50,000 रुपये के शांति बॉन्ड का उल्लंघन किया। कोर्ट ने फिर से 50,000 रुपये का पीस बॉन्ड (शांति बॉन्ड) भरवाकर जमानत दी है।
जमानत की मुख्य शर्त है कि अभिजीत को एक साल तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखना होगा।
क्या था पूरा मामला?
16 अक्टूबर को शाम 5 बजे CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का ऐलान किया था। दिल्ली पुलिस ने BNSS 163 लागू कर मार्च की परमिशन नहीं दी और अभिजीत को दो नोटिस दिए थे। इसके बावजूद झंडेवालान स्थित घर से निकलते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। हाथ में तिरंगा लेकर पुलिस वैन में बैठने का उनका वीडियो वायरल हुआ था।
इसी दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया था, जिन्हें आज सुबह दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत रिहा कर दिया गया।
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने रिहाई की पुष्टि करते हुए X पर लिखा - "Abhijeet Dipke released"। उन्होंने गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि तिरंगा लहराने की अपील करना अपराध कैसे हो सकता है।
फिलहाल अभिजीत मंदिर मार्ग थाने से बाहर आ गए हैं और NCP नेता अनिश गवांडे के आवास पर हैं।


