​चंदौली के धीना में बोरे में मिले दोनों शवों की हुई शिनाख्त: हाथ पर बने 'महाकाल' टैटू से पहचाने गए सिद्धार्थ और सागर, बेरहमी से किया गया कत्ल

चंदौली के धीना थाना क्षेत्र के डेढ़गांवा में बोरे में बंद मिले दो युवकों के शवों की पहचान सिद्धार्थ सिंह और सागर त्रिपाठी के रूप में हुई है। दोनों की गोली मारकर और गला रेतकर हत्या की गई है। पुलिस संपत्ति विवाद के एंगल से जांच कर रही है।

​चंदौली के धीना में बोरे में मिले दोनों शवों की हुई शिनाख्त: हाथ पर बने 'महाकाल' टैटू से पहचाने गए सिद्धार्थ और सागर, बेरहमी से किया गया कत्ल
कानपुर के युवकों का मर्डर चंदौली में !बोरी में मिली लाश!

कुलदीप बरनवाल :चंदौली/कानपुर (ब्यूरो | 23 अक्टूबर 2026)

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धीना थाना क्षेत्र अंतर्गत डेढ़गांवा में गुरुवार सुबह बोरे में बंद मिले दो युवकों के शवों की गुत्थी सुलझने के करीब पहुंच गई है। शुक्रवार सुबह दोनों मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है। मृतकों की पहचान सिद्धार्थ सिंह (मूल निवासी मेढ़वा नगवा, धानापुर, चंदौली) और उसके गहरे दोस्त सागर त्रिपाठी (निवासी यशोदा नगर, नौबस्ता, कानपुर) के रूप में हुई है। दोनों तीन दिन पहले कानपुर से वाराणसी घूमने के लिए निकले थे। हत्यारों ने बेहद खौफनाक तरीके से पहले दोनों को गोली मारी और फिर मौत सुनिश्चित करने के लिए उनका गला रेत दिया।

​200 मीटर की दूरी पर बोरे में बंद मिले थे शव

बीते 22 अक्टूबर (गुरुवार) की सुबह धीना थाना क्षेत्र के डेढ़गांवा इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने करीब 200 मीटर की दूरी पर दो अलग-अलग स्थानों पर लावारिस बोरे पड़े देखे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब बोरों को खुलवाया तो उनमें दो युवकों के रक्तरंजित शव बरामद हुए। गुरुवार देर शाम तक दोनों शवों की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन शुक्रवार सुबह पुलिस ने शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी कर ली।

​हाथ पर बने 'महाकाल' के टैटू और हुलिए से हुई पहचान

दोनों मृतकों के हाथ पर 'महाकाल' का टैटू गुदा हुआ था, जो उनकी पहचान में सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। जांच में सामने आया कि धानापुर के मेढ़वा नगवा निवासी सिद्धार्थ सिंह लंबे समय से कानपुर में रह रहा था। वहीं उसकी दोस्ती नौबस्ता (यशोदा नगर) के रहने वाले सागर त्रिपाठी से थी। दोनों जिगरी दोस्त तीन दिन पहले कानपुर से वाराणसी भ्रमण के लिए निकले थे। वाराणसी आने के बाद सिद्धार्थ अपने दोस्त सागर के साथ अपने पैतृक गांव मेढ़वा नगवा भी गया था।

​बेरहमी से कत्ल: कहीं और हत्या कर फेंकी गई लाश

पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में हत्या की बर्बरता सामने आई है। कातिलों ने दोनों युवकों को पहले गोली मारी और उसके बाद धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया।

​एसपी चंदौली आकाश पटेल और सीओ सकलडीहा कृष्ण मुरारी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों युवकों की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई है और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शवों को बोरे में भरकर डेढ़गांवा में 200 मीटर के फासले पर फेंक दिया गया।

​इकलौता बेटा और करोड़ों की जमीन: संपत्ति विवाद पर टिकी सुई

पुलिस की तफ्तीश में इस दोहरे हत्याकांड के पीछे संपत्ति विवाद (Property Dispute) का बड़ा एंगल सामने आ रहा है। पुलिस के मुताबिक, सिद्धार्थ सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और पैतृक गांव मेढ़वा नगवा में उसके नाम काफी पुश्तैनी जमीन है। आशंका जताई जा रही है कि गांव आने के दौरान जमीन हड़पने की नीयत या किसी पुरानी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया और साथ होने की वजह से दोस्त सागर को भी मौत के घाट उतार दिया गया।

​एक्शन में पुलिस- फॉरेंसिक और सर्विलांस टीम खंगाल रही सुराग

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी आकाश पटेल के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस सेल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करा दिया है। साथ ही, वाराणसी से लेकर धानापुर और धीना तक के सीसीटीवी फुटेज और दोनों युवकों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) व लोकेशन हिस्ट्री खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि आखिरी वक्त में वे किसके संपर्क में थे।