वाराणसी कचहरी में CEC ज्ञानेश कुमार की शवयात्रा, अधिवक्ता राहुल राज बोले- जिंदा हो तो सामने आओ

वाराणसी कचहरी में वकीलों ने CEC ज्ञानेश कुमार की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। अधिवक्ता राहुल राज ने SIR, वोट चोरी और इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया।

वाराणसी कचहरी में CEC ज्ञानेश कुमार की शवयात्रा, अधिवक्ता राहुल राज बोले- जिंदा हो तो सामने आओ

                         INDIA NEWS REPORT

कुलदीप बरनवाल 

वाराणसी। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरोध में देशभर में चल रहे प्रदर्शन के बीच काशी की कचहरी भी गरमा गई है। सोमवार को वाराणसी जिला कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने ज्ञानेश कुमार की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।

अर्थी पर ज्ञानेश कुमार की फोटो रखी गई थी, जिस पर गेंदे की माला पहनी थी। अधिवक्ता उसे कंधे पर उठाकर कचहरी परिसर से कमिश्नरेट की तरफ ले गए। इस दौरान "ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद, लोकतंत्र का हत्यारा हाय-हाय, वोट चोर गद्दी छोड़" जैसे नारे गूंजते रहे।

राहुल राज बोले- चुप्पी नहीं तोड़ी इसलिए मृत घोषित किया

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता राहुल राज ने कहा- "मैं राहुल राज, बनारस से अधिवक्ता हूँ। आज हम लोगों ने ज्ञानेश कुमार जी का देहांत घोषित कर दिया है। इतने दिन से पूरे देश में आंदोलन हो रहा है, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने एक बार भी देश की जनता को संबोधित नहीं किया, अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। इसलिए हम मानते हैं कि ज्ञानेश कुमार अब मर चुका है। यदि वह जीवित है तो देश की जनता के सामने आए और बताए कि किसके कहने पर उसने वोट चोरी की है, तब जनता माफ करने पर विचार करेगी।"

राहुल राज ने कहा, "अनुच्छेद 326 में हमें Right to Vote का अधिकार मिला है। लाखों-करोड़ों वोटरों के वोट को SIR के माध्यम से रद्द किया गया है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।"

तीन मांगों पर अड़े अधिवक्ता

राहुल राज ने आंदोलन की तीन प्रमुख मांगे बताईं-

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें,
  2. 2. SIR की पूरी प्रक्रिया रद्द की जाए,
  3. 3. देश में EVM नहीं, बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी अपील की। उन्होंने कहा कि जब देश की कार्यपालिका ठीक से काम नहीं कर रही हो और लोकतंत्र खतरे में हो तो राष्ट्रपति को अनुच्छेद 356 के तहत हस्तक्षेप करना चाहिए।

उन्होंने कहा, "2027 में यूपी विधानसभा और 2029 में लोकसभा चुनाव है। हम चाहते हैं उससे पहले SIR रद्द हो और बैलेट पेपर से चुनाव हो, ताकि कोई धांधली न हो सके। हमारा विरोध संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रहेगा।"

प्रदर्शन में सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और युवा शामिल रहे।