UP के मऊ में फिल्मी कांड: बकरे को जलाकर खुद को मृत दिखाया, AI से बनवाई चिता की फोटो, हत्या का आरोपी 18 महीने बाद जिंदा पकड़ा
मऊ में 2016 के योगेश हत्याकांड के आरोपी राजू ने AI फोटो और बकरे की लाश जलाकर फर्जी Death Certificate बनवाया, तेरहवीं भी हुई, 10 लाख बीमा लिया, 18 महीने बाद पुलिस ने जिंदा पकड़ा।
मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक फिल्मी और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हत्या के आरोपी ने खुद को मृत घोषित कराकर पुलिस और अदालत दोनों को चकमा दे दिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान राजू उर्फ राजकुमार राजभर (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कोतवाली नगर के ख्वाजाहांपुर क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने उसे 25 अक्टूबर 2026 को SOG और सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तार किया।
2016 के हत्या मामले में था वांछित
पुलिस के अनुसार वर्ष 2016 में योगेश सिंह की हत्या के मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। योगेश सिंह की 19 दिसंबर 2016 को मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में ट्रायल चल रहा था और आरोपी को आजीवन कारावास की सजा का डर था।
AI और बकरे से रची मौत की साजिश
अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के अनुसार, आरोपी ने 30 मई 2025 को गाजीपुर में अपनी मौत का नाटक रचा।
पुलिस के अनुसार, AI से चिता पर लेटे शव की फर्जी फोटो बनवाई गई, ताकि लोगों को उसकी मौत का विश्वास हो जाए। धोखे को पुख्ता करने के लिए शव यात्रा निकाली गई और श्मशान घाट पर बकरे की देह जलाई गई।
इन फर्जी फोटो और दस्तावेजों के आधार पर मऊ नगर परिषद से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया गया और उसे कोर्ट में जमा कर दिया गया, जिसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ हत्या का केस बंद कर दिया।
पत्नी ने की तेरहवीं, 10 लाख बीमा भी लिया
पुलिस अधिकारी के बयान के मुताबिक, आरोपी की पत्नी को उसकी मौत की सूचना दी गई थी। इसके बाद परिवार में परंपरा के अनुसार उसकी तेरहवीं भी कर दी गई और पत्नी को करीब 10 लाख रुपये की बीमा राशि भी मिली। पुलिस अब बीमा भुगतान की भी जांच कर रही है।
18 महीने बाद जिंदा पकड़ा गया
खुद को मृत घोषित कराने के बाद वह करीब 18 महीने तक फरार रहा और अपने ठिकाने बदलता रहा। मुखबिर से सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस अब दो होम्योपैथिक डॉक्टरों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने उसे खुद को मृत दिखाने की सलाह दी थी।


