Gen Z ने सर्बिया में पलटा तख्ता, 14 साल बाद वुचिच की हार - यूरोप में सबसे बड़ी छात्र क्रांति
सर्बिया में Gen Z ने इतिहास रच दिया। छात्रों की Student List ने 25 अक्टूबर को 52% वोट से वुचिच की 14 साल पुरानी सरकार गिरा दी। यूरोप में यूथ प्रोटेस्ट का Level 2 माना जा रहा है।
बेलग्रेड। बाल्कन देश सर्बिया में छात्रों की क्रांति ने यूरोप की राजनीति हिला दी है। 14 साल से सत्ता पर काबिज अलेक्जेंडर वुचिच को आखिरकार सत्ता छोड़नी पड़ी है।
25 अक्टूबर रविवार को हुए स्नैप संसदीय चुनाव में स्टूडेंट लिस्ट – स्टूडेंट्स विन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। Ipsos और CeSID की रिपोर्ट के अनुसार स्टूडेंट लिस्ट को 52% वोट मिले, जबकि वुचिच की SNS गठबंधन को सिर्फ 39.3% वोट मिले।
वुचिच ने खुद हार स्वीकारी और कहा, "यह स्पष्ट है कि हम चुनाव हार गए हैं, स्टूडेंट लिस्ट जीत गई है। उन्हें 135 से 140 सीटें मिलेंगी, हमें 105 के आसपास।" सर्बिया की संसद में कुल 250 सीटें हैं। जानकारी के मुताबिक स्टूडेंट लिस्ट को 22 लाख वोट और वुचिच गठबंधन को 17.2 लाख वोट मिले।
क्यों शुरू हुआ था आंदोलन?
इस आंदोलन की जड़ नवंबर 2024 में नोवी सैड रेलवे स्टेशन हादसा है, जिसमें छत गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। जनता ने इसके लिए सरकार के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद से लगातार 2 साल तक छात्रों ने प्रदर्शन किया, जो मिलोसेविच शासन के बाद सबसे बड़ा आंदोलन बन गया।
क्या ये Gen Z प्रोटेस्ट है?
हाँ, ये यूरोप में चल रहे Gen Z विद्रोह का सबसे बड़ा रूप है। पिछले एक महीने में यूरोप के कई शहरों में छात्र सड़कों पर हैं - बेहतर शिक्षा, नौकरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ। इस आंदोलन का नेतृत्व 21-22 साल के यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ने किया था।
फर्क सिर्फ इतना है कि दूसरे देशों में Gen Z सिर्फ प्रदर्शन कर रहा है, जबकि सर्बिया में उन्होंने Level 2 कर दिया। उन्होंने Student List बनाई, जिसमें खुद कोई छात्र उम्मीदवार नहीं था। इसमें प्रोफेसर, किसान, एथलीट और कलाकार जैसे 250 आम लोगों को उतारा, जिनका नारा था - "हमें नया नेता नहीं, नई व्यवस्था चाहिए।" इसीलिए इसे यूरोप का सबसे बड़ा यूथ विद्रोह माना जा रहा है।
रिकॉर्ड मतदान और जश्न
इस चुनाव में 65% से ज्यादा मतदान हुआ, जो 1993 के बाद सबसे अधिक है। 64 लाख मतदाताओं में से शाम 6 बजे तक ही 65% वोट पड़ गए थे। हार की घोषणा होते ही बेलग्रेड की सड़कों पर हजारों लोग निकल आए, गाड़ियों ने हॉर्न बजाए, आतिशबाजी हुई और 'विक्टरी' के नारे लगे।
स्टूडेंट लिस्ट के उम्मीदवार प्रोफेसर राडोमिर साइसिक ने कहा, "आज जनता की आवाज सुनी गई है। छात्रों के साथ एक उम्मीद जीती है कि सर्बिया न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा का देश बनेगा।"
सबसे खास बात यह है कि इस लिस्ट में कोई भी छात्र खुद उम्मीदवार नहीं था। लिस्ट में प्रोफेसर, किसान, एथलीट और कलाकार जैसे आम लोग थे, जिन्होंने वुचिच के वन-मैन राज को खत्म करने का संकल्प लिया था।


