दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच और चिट्टा: दिल्ली में 30 फीट का कॉकरोच, लुधियाना में अमित शाह जलाएंगे नशे का रावण
विजयादशमी 2026 पर रावण दहन में नया ट्विस्ट: दिल्ली पीतमपुरा में 30 फीट कॉकरोच का पुतला, लुधियाना में अमित शाह करेंगे चिट्टा का दहन, मुजफ्फरनगर में कॉकरोच से बना भ्रष्टाचार। जानें कहाँ-कैसा रावण जल रहा है।
संवाददाता । : आज देशभर में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार रावण दहन सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत तक सीमित नहीं है। बुराई के नए प्रतीकों के साथ पुतले जलाए जा रहे हैं। कहीं 30 फीट का कॉकरोच जल रहा है तो कहीं नशे का प्रतीक 'चिट्टा'।
1. दिल्ली, पीतमपुरा - 30 फीट का कॉकरोच: नेताजी सुभाष प्लेस मैदान में श्री केशव रामलीला समिति ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फीट ऊंचा कॉकरोच का पुतला तैयार किया है। समिति के अध्यक्ष अशोक गोयल के मुताबिक यह गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक है और स्वच्छ भारत अभियान का संदेश देगा। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे CJI की टिप्पणी के बाद वायरल हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' प्रोटेस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है।
2. लुधियाना, पंजाब - चिट्टा (ड्रग्स) का पुतला: लुधियाना के दरेसी ग्राउंड में आज शाम होने वाले दशहरा समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। यहाँ रावण के साथ चौथा पुतला 'चिट्टा' यानी हेरोइन/नशे का जलाया जाएगा। BJP ने इसे पंजाब से नशे के रावण को खत्म करने का संकल्प बताया है। शाह आज गुरदासपुर, मानसा और संगरूर में नशा विरोधी अभियान में जान गंवाने वाले परिवारों से भी मिलेंगे।
3. मुजफ्फरनगर, यूपी - कॉकरोच से बना भ्रष्टाचार: यहाँ नुमाइश मैदान में भी 60, 55 और 50 फीट के रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के साथ 30 फीट का कॉकरोच पुतला बनाया गया था। फोटो वायरल होने पर पुलिस ने आपत्ति जताई और कहा कि धार्मिक आयोजन में राजनीतिक प्रतीक नहीं होना चाहिए। इसके बाद आयोजकों ने रातों-रात उसी पुतले पर 'कॉकरोच' हटाकर 'भ्रष्टाचार' लिख दिया और अब भ्रष्टाचार के पुतले के रूप में दहन किया जाएगा।
4. दिल्ली, पश्चिमी विहार और लखनऊ - आज का रावण: पश्चिमी विहार की रामलीला में इस बार 'आज का रावण' नकली दवाओं और जेनेरिक दवाओं की कालाबाजारी को दिखाया गया है। वहीं लखनऊ में 75 फीट के रावण को राष्ट्र-विरोधी, सनातन-विरोधी और दिमागी नक्सलवाद का प्रतीक बताया गया है।
कुल मिलाकर इस बार का दशहरा सिर्फ पौराणिक रावण नहीं, बल्कि समाज की नई बुराइयों - गंदगी, नशा, भ्रष्टाचार और मिलावट - के खात्मे का संदेश दे रहा है।


