अल्बानिया में गृह युद्ध जैसे हालात: Gen-Z ने फूंका सुप्रीम कोर्ट, भारत में RSS और संजय राउत आमने-सामने
अल्बानिया में Gen-Z के फ्लेमिंगो मूवमेंट ने सुप्रीम कोर्ट में आग लगाई, 272 घायल। PM एदी रामा के इस्तीफे की मांग। भारत में RSS चीफ मोहन भागवत और संजय राउत के बयान पर सियासी घमासान।
विशेष संवाददाता / दक्षिण-पूर्व यूरोप के छोटे से देश अल्बानिया में हालात बेकाबू हो गए हैं। राजधानी तिराना में लगातार सातवें दिन हिंसक प्रदर्शन जारी है, जहां Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी।
क्या हुआ शनिवार की रात? शनिवार शाम 17 अक्टूबर को करीब 500-700 युवा प्रदर्शनकारी तिराना के सेंटर में इकट्ठा हुए। भीड़ ने पुलिस पर पत्थर, पेट्रोल बम और मोलोटोव कॉकटेल फेंके। जवाब में पुलिस को आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान भीड़ का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट की बिल्डिंग में घुस गया और पहली मंजिल पर आग लगा दी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट के अंदर रखी फाइलें और फर्नीचर जलकर राख हो गया। इसके अलावा बैंक ऑफ अल्बानिया के गेट, पोस्ट ऑफिस और शिक्षा विभाग समेत 4 मंत्रालयों को भी नुकसान पहुंचाया गया। संसद भवन पर भी हमला हुआ।
अब तक कितना नुकसान? स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक एक दिन में 35 लोग घायल (18 पुलिस, 17 प्रदर्शनकारी) हुए हैं, जबकि 5 दिन में कुल 132 से बढ़कर अब 272 लोग घायल (169 पुलिसकर्मी) हो गए हैं। पुलिस ने 167 लोगों को गिरफ्तार किया है और 388 लोगों पर क्रिमिनल केस दर्ज किया है।
क्यों भड़के हैं Gen-Z? इसके पीछे 2 कहानी है। पहला- कॉलेज फीस, खराब हॉस्टल, नौकरी न मिलने और महंगाई से गुस्सा। दूसरा- PM एदी रामा पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप। विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने देश के खूबसूरत समुद्री तट Sazan Island को अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर की कंपनी को लक्जरी रिसॉर्ट बनाने के लिए दे दिया।
भारत में चिंता और सियासी घमासान: इस घटना के बाद भारत में भी बयानबाजी तेज हो गई है।
1. RSS चीफ मोहन भागवत का बयान (20 अक्टूबर): नागपुर में विजयादशमी उत्सव पर भागवत ने कहा- "पश्चिम से एक तूफान आया है जो सभ्य और सांस्कृतिक मूल्यों को नष्ट कर रहा है। देखिए फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश, नेपाल में क्या हो रहा है। वे कहते हैं कि Regime Change से हालात बदलेंगे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ, न अब होगा। भारत भी उनका टारगेट है।"
2. संजय राउत का विवादित ट्वीट: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- "अल्बानिया में लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को जला दिया। जनता इसलिए गुस्से में थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट एक भ्रष्ट प्रधानमंत्री की मदद कर रहा था। सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए, खासकर भारत को।"
3. BJP का पलटवार: राउत के बयान पर BJP ने अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि "भारत में Regime Change सिर्फ चुनाव से होगा, सोरोस से नहीं।" कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि भारत बांग्लादेश नहीं है, हम सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास रखते हैं।
PM एदी रामा का क्या कहना है? PM ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है और कहा है- "प्रदर्शन आपका हक है, लेकिन हिंसा से देश का EU में जाने का रास्ता बंद हो जाएगा।" अल्बानिया 2030 तक EU में शामिल होना चाहता है।


