Breaking History-जब कैलेंडर से 10 दिन चोरी हो गए थे: 4 अक्टूबर 1582 की वो रात, जब 5 अक्टूबर कभी आया ही नहीं

क्या आप जानते हैं 1582 में 5 से 14 अक्टूबर कभी आए ही नहीं? 11 मिनट की गलती से पोप को 10 दिन डिलीट करने पड़े थे। जानिए पूरी कहानी।

Breaking History-जब कैलेंडर से 10 दिन चोरी हो गए थे: 4 अक्टूबर 1582 की वो रात, जब 5 अक्टूबर कभी आया ही नहीं

INR Desk: अक्टूबर 2026 - आज आप कैलेंडर में 6 अक्टूबर 2026 देख रहे हैं, लेकिन इतिहास में एक ऐसा महीना भी दर्ज है जब 5 से 14 अक्टूबर तक की तारीखें कभी अस्तित्व में ही नहीं आईं।

1. 11 मिनट की गलती जो 1250 साल भारी पड़ी

कहानी शुरू होती है 45 ईसा पूर्व में। रोमन सम्राट जूलियस सीजर ने जूलियन कैलेंडर बनवाया और साल को 365.25 दिन का मान लिया। जबकि असली सोलर ईयर 365.2422 दिन का होता है। यानी हर साल 11 मिनट ज्यादा गिना जा रहा था।

11 मिनट छोटा लगता है, लेकिन 128 साल में ये 1 दिन बन जाता है। 325 ईस्वी में नाइसिया की पहली परिषद में ईस्टर की तारीख तय हुई, तब से 1582 तक आते-आते कैलेंडर 10 दिन आगे खिसक चुका था। वसंत का त्योहार गलत मौसम में पड़ने लगा था।

2. पोप ग्रेगरी XIII का हल: 10 दिन डिलीट कर दो

1582 में पोप ग्रेगरी XIII ने वैज्ञानिकों की सलाह पर 'Inter gravissimas' नामक आदेश जारी किया। फैसला साफ था - कैलेंडर को सही करने के लिए 10 दिन हटाने होंगे।

कैथोलिक देशों - इटली, स्पेन, पुर्तगाल और फ्रांस में ऐलान हुआ: गुरुवार, 4 अक्टूबर 1582 के बाद अगला दिन शुक्रवार, 15 अक्टूबर 1582 होगा। लोगों ने नींद में ही 10 दिन गंवा दिए। इसी के साथ नया ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू हुआ, जो 365.2425 दिन का है और आज का सबसे सटीक कैलेंडर है।

3. एक दुनिया, दो तारीखें

सब देशों ने पोप की बात नहीं मानी। प्रोटेस्टेंट और ऑर्थोडॉक्स देशों ने इसे कैथोलिक साजिश माना। स्पेन, इटली, फ्रांस ने 1582 में ही बदलाव कर लिया, लेकिन ब्रिटेन और भारत (ब्रिटिश राज में) ने 170 साल बाद 1752 में बदलाव किया। तब तक लीप ईयर की गिनती में एक और दिन जुड़ गया था, इसलिए वहाँ 10 नहीं, 11 दिन हटाने पड़े। वहाँ 2 सितंबर 1752 के बाद सीधा 14 सितंबर 1752 आया।

नतीजा ये कि एक ही दिन दुनिया के एक कोने में 3 सितंबर था तो दूसरे में 14 सितंबर।

4. इतिहास की इकलौती 30 फरवरी

स्वीडन ने सबसे अजीब प्रयोग किया। उसने धीरे-धीरे दिन हटाने की कोशिश की, जिससे कैलेंडर और बिगड़ गया। गलती सुधारने के लिए 1712 में स्वीडन ने फरवरी में 30 तारीख जोड़ दी। इतिहास में 30 फरवरी सिर्फ एक बार आई है।

आज हम जो कैलेंडर इस्तेमाल करते हैं, वो 1582 वाला यही ग्रेगोरियन कैलेंडर है। इसलिए अगर आप किसी पुरानी किताब में अक्टूबर 1582 का कैलेंडर देखें और 5 से 14 तारीख गायब मिले, तो वो प्रिंटिंग की गलती नहीं, बल्कि इंसान की 11 मिनट की गलती को सुधारने का सबसे बड़ा इतिहास है।