वाराणसी में विद्युत पेंशनर्स परिषद का षष्ठम् आंचलिक सम्मेलन सम्पन्न
मंत्री अनिल राजभर ने किया उद्घाटन, 78 हजार संविदाकर्मियों को आउटसोर्स निगम में शामिल करने का किया ऐलान, 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
INDIA NEWS REPORT
रिपोर्ट :-कुलदीप बरनवाल
वाराणसी, 26 सितंबर 2026। विद्युत पेंशनर्स परिषद, उत्तर प्रदेश के वाराणसी अंचल का षष्ठम् आंचलिक सम्मेलन शुक्रवार को स्थानीय शगुन लॉन, महमूरगंज में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता अंचल अध्यक्ष ई. अशोक कुमार सिंह ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (श्रम एवं सेवायोजन) अनिल राजभर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वेद मंत्रों से मंगलाचरण के बाद स्वागत अध्यक्ष डॉ. आर. बी. सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सभी विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्रम् एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
45 अति वरिष्ठ पेंशनर सम्मानित
सम्मेलन में 80 वर्ष से अधिक आयु के 45 अति वरिष्ठ पेंशनरों को मंत्री अनिल राजभर एवं निदेशक (का0प्र0 एवं प्रशा0) पूविविनिलि द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में लगभग 1000 पेंशनर एवं पारिवारिक महिला पेंशनर उपस्थित रहे।
11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया
महासचिव अतिन गांगुली ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और 11 सूत्रीय मांग पत्र का पाठ किया। मांग पत्र मंत्री अनिल राजभर एवं निदेशक (का0प्र0 एवं प्रशा0) को सौंपा गया।
प्रमुख मांगें हैं - आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ सभी विद्युत पेंशनरों को दिया जाए, राज्य सरकारी पेंशनरों की तरह विद्युत पेंशनरों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए, तथा LMB-10 की सुविधा यथावत रखी जाए।
प्रांतीय अध्यक्ष एवं प्रमुख महासचिव ने इन मांगों को जायज बताते हुए शासन एवं पावर कारपोरेशन प्रबंधन से त्वरित समाधान की मांग की। विद्युत कामगार संगठनों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
78 हजार संविदाकर्मियों पर बड़ा ऐलान
मुख्य अतिथि मंत्री अनिल राजभर ने पेंशनरों की भारी उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने मांग पत्र पर न्यायसंगत विचार का आश्वासन दिया और मंच से ऐलान किया कि प्रदेश के 78 हजार संविदाकर्मियों को आउटसोर्स निगम में शामिल किया जाएगा।
अंत में अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने सभी अतिथियों एवं पेंशनरों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संयोजक आर. के. वाही ने किया। भोजनावकाश के बाद द्वितीय सत्र में आगामी दो वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।


