केरल में नौकरी के लिए महिला टीचरों ने मुंडवाया सिर, 113 दिन से धरना पर हैं, S. Valarmathi आमरण अनशन पर बैठीं
केरल में LPST रैंक होल्डर्स का 113 दिन से धरना जारी है। S. Valarmathi ने सिर मुंडवाकर आमरण अनशन शुरू किया। PSC पास के बाद भी नियुक्ति नहीं।
तिरुवनंतपुरम । केरल में सरकारी नौकरी के लिए सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसने पूरे राज्य में चर्चा तेज कर दी है। तिरुवनंतपुरम सेक्रेटेरिएट के बाहर LPST रैंक होल्डर्स का धरना आज 113वें दिन में पहुंच गया है और अब यह आंदोलन निर्णायक मोड़ पर आ गया है।
इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रही All Kerala LPST Rank Holders Association की सेक्रेटरी S. Valarmathi ने रोते हुए अपना सिर मुंडवा लिया और आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि PSC परीक्षा पास करने और रैंक लिस्ट में नाम आने के बाद भी नियुक्ति नहीं दी जा रही है, जिससे सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।
Valarmathi ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें टेंट लगाने तक नहीं दिया और वे बारिश में भीगते हुए अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। उन्होंने एक वीडियो भी जारी कर अपनी पीड़ा बयां की है।
प्रदर्शनकारियों की 4 बड़ी मांगें हैं - छात्र-शिक्षक अनुपात को 1:30 से घटाकर 1:25 किया जाए ताकि अधिक पद सृजित हों, मौजूदा रैंक लिस्ट की वैधता बढ़ाई जाए, पुरानी लिस्ट से नियुक्ति पूरी होने तक नई भर्ती का नोटिफिकेशन रोका जाए और हेड टीचर की नियुक्ति भी PSC के जरिए की जाए।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है। अगस्त में भी Valarmathi ने 13 दिन तक भूख हड़ताल की थी, तब सरकार ने 45 दिन में समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन लिखित आदेश न मिलने से नाराजगी और बढ़ गई है।
अब इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई है और अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि जब तक ठोस नियुक्ति आदेश नहीं मिलता, आमरण अनशन जारी रहेगा।


