Varanasi Court: पत्रकारिता की जीत! तारिक आज़मी को मिली अग्रिम जमानत, कोर्ट ने दी गिरफ्तारी पर रोक

वाराणसी कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी को बड़ी राहत दी। एम्बिशन हॉस्पिटल के डॉ. राशिद परवेज़ द्वारा दर्ज कथित रंगदारी के मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर सिंह की दलीलों पर अग्रिम जमानत मंजूर।

Varanasi Court: पत्रकारिता की जीत! तारिक आज़मी को मिली अग्रिम जमानत, कोर्ट ने दी गिरफ्तारी पर रोक
वाराणसी कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी को बड़ी राहत दी। एम्बिशन हॉस्पिटल के डॉ. राशिद परवेज़ द्वारा दर्ज कथित रंगदारी के मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर सिंह की दलीलों पर अग्रिम जमानत मंजूर।

प्रज्ञा मिश्रा ।

वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायालय वाराणसी से पत्रकारिता के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी के खिलाफ एम्बिशन हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राशिद परवेज़ द्वारा दर्ज कराए गए कथित रंगदारी और आईटी एक्ट के मुकदमे में अदालत ने पत्रकार को बड़ी राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका को स्वीकार कर लिया है।

अदालत में पत्रकार तारिक आज़मी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर सिंह ने मजबूती और तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा।

क्या है पूरा मामला

अदालत में सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर सिंह ने पूरे घटनाक्रम का ब्योरा प्रस्तुत किया:

1. इलाज में लापरवाही व देहांत: वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी की सहकर्मी पत्रकार महविश कुरैशी की माता (दिवंगत बानो बेगम) का 29 अगस्त को एम्बिशन हॉस्पिटल में दौरान-ए-इलाज देहांत हो गया था। आरोप है कि डॉ. राशिद परवेज़ की चिकित्सीय लापरवाही के कारण पीड़िता की जान गई।

2. शव को बंधक बनाना व वसूली: देहांत के बाद हॉस्पिटल संचालक डॉ. राशिद परवेज़ पर यह आरोप लगा कि उन्होंने 55,000 रुपये वसूलने के लिए मृतका के शव को लगभग 6 घंटे तक बंधक बनाकर रखा।

3. पत्रकारिता का दायित्व: इस घटना और हॉस्पिटल से जुड़ी अन्य अनियमितताओं को लेकर वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी ने अपने पत्रकारीय दायित्व का निर्वहन करते हुए खबरें प्रकाशित करना शुरू किया।

अधिवक्ता की दलील

वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर सिंह ने अदालत को अवगत कराया कि इस मामले में पीड़ित पत्रकार महविश कुरैशी की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है, वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) वाराणसी द्वारा मेडिकल बोर्ड का गठन कर जांच भी शुरू की जा चुकी है।

अधिवक्ता ने तर्क दिया कि इन जांचों और खबरों के बाद डॉ. राशिद परवेज़ ने दबाव बनाने के उद्देश्य से कैंट थाने में यह कथित मुकदमा दर्ज करवाया था।

अग्रिम जमानत मंजूर; तारिक आज़मी बोले— 'सत्यमेव जयते'

अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर सिंह द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और न्यायिक तर्कों को गंभीरता से लेते हुए अपर सत्र न्यायाधीश सर्वजीत सिंह की अदालत ने वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर करने का आदेश जारी किया।

अदालत के इस फैसले के बाद वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा— "सत्यमेव जयते...!"