UP DGP राजीव कृष्ण का बड़ा बयान: पुलिस-पत्रकार में टकराव नहीं, संवाद जरूरी
यूपी DGP राजीव कृष्ण ने कहा - पुलिस और पत्रकारों के बीच संवाद, सम्मान और समन्वय जरूरी, पत्रकारों को परेशान करने और फर्जी केस पर अफसरों को चेतावनी।
अनुराग पांडेय ।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पुलिस और पत्रकारों के रिश्तों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और मीडिया दोनों की अहम भूमिका है।
DGP ने सोमवार को प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि पुलिस और मीडिया के बीच संवाद की मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
DGP की 5 बड़ी बातें:
1. संवाद, सम्मान और समन्वय से मजबूत होगा लोकतंत्र: DGP बोले- दोनों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और आपसी सम्मान बेहद जरूरी है।
2. पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता: उन्होंने अफसरों को हिदायत दी है कि पत्रकारों के साथ सम्मानजनक और पेशेवर व्यवहार करें।
3. फर्जी मुकदमों पर रोक: DGP ने साफ कहा - पत्रकारों को अनावश्यक रूप से परेशान करने और उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करने जैसी कार्रवाई से बचें।
4. खबरों पर तुरंत एक्शन: समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लें, अगर जनसमस्या या अपराध से जुड़ा तथ्य है तो तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करें।
5. टकराव नहीं विश्वास: पुलिस कानून-व्यवस्था के लिए काम करती है, जबकि पत्रकार जनता तक सही सूचना पहुंचाते हैं। दोनों के बीच टकराव नहीं, विश्वास का रिश्ता होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए पत्रकारों को जरूरी जानकारी और सहयोग मिलना चाहिए।


