वाराणसी: कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल (SSPG) का VIDEO वायरल, डस्टबिन में मिले बाहरी दवाओं के खाली पत्तों का ढेर, मरीजों की जेब काटने का आरोप

Varanasi Kabirchaura SSPG मंडलीय अस्पताल का VIDEO वायरल, डस्टबिन में बाहरी दवाओं के रैपर का ढेर, मरीजों की जेब काटी जा रही, जांच की मांग।

प्रज्ञा मिश्रा । वाराणसी। वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय SSPG अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

गरीब जनता अच्छे और सस्ते इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जाती है, लेकिन यहां गरीबों की जेब काटी जा रही है!

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मंडलीय अस्पताल के अंदर रखे एक डस्टबिन में बड़ी मात्रा में दवाओं के खाली पत्ते, रैपर और इंजेक्शन के कवर भरे पड़े हैं। आरोप है कि ये सभी रैपर बाहर के मेडिकल स्टोर की महंगी दवाओं के हैं।

तीमारदारों ने लगाया कमीशनखोरी का आरोप

वीडियो वायरल होने के बाद मरीजों और तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप है कि कबीरचौरा अस्पताल में सरकारी दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टर सादी पर्ची पर बाहर से महंगी दवाएं लिख रहे हैं।

एक महिला ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि डॉक्टर महंगे दूध और महंगी दवाएं सादी पर्ची पर लिखकर बाहर से मंगवाने के लिए कहते हैं, जिससे गरीब मरीजों पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। डस्टबिन में पड़े ये रैपर उसी का सबूत हैं।

कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कबीरचौरा अस्पताल के बाहर के 3-4 चुनिंदा मेडिकल स्टोरों से डॉक्टरों को बड़ा कमीशन मिलता है। यहां तक कि अस्पताल में इस्तेमाल होने वाले सैनिटाइजर तक को बाहर से मंगवाने के लिए पर्ची थमा दी जाती है।

फिलहाल ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग तेज हो गई है। वहीं इस पूरे मामले पर अभी तक SSPG मंडलीय अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

डिस्क्लेमर: यह खबर वायरल वीडियो और मरीजों / तीमारदारों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पोर्टल इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता है।