वाराणसी के चितईपुर में 20 दिन से जलभराव से त्राहिमाम, घरों में घुसा पानी, चूल्हे पड़े ठंडे
वार्ड 33 चितईपुर दलित बस्ती में नारकीय हालात, सभासद श्याम भूषण शर्मा पर लापरवाही का आरोप, नगर निगम के दावे फेल -जयचन्द
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
वाराणसी।प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नगर निगम के जल निकासी के सारे दावे वार्ड नंबर 33 चितईपुर की दलित बस्ती में फेल होते नजर आ रहे हैं। बस्ती में पिछले 20 दिनों से बरसात का पानी जमा है। हालात ऐसे हैं कि पानी अब घरों के अंदर घुस गया है और लोगों के चूल्हे 20 दिन से ठंडे पड़े हैं।
बाजार के खाने से गुजारा, बच्चों की पढ़ाई पर असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में घुटने भर पानी भरा होने से खाना बनाना असंभव हो गया है। कई परिवार पिछले कई दिनों से बाजार से पूड़ी-सब्जी लाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और महिलाओं को हो रही है। अभिभावकों ने बताया कि जलभराव के बीच बच्चों को स्कूल भेजना बड़ी चुनौती है। घर में रसोई में पानी होने से बच्चों के लिए रोज बाजार से नाश्ता और टिफिन खरीदना पड़ रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
जहरीले जीवों का डर
बस्ती में जमा गंदे पानी से बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के घरों में घुसने का डर बना हुआ है। रात में लोग जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
सभासद पर फूटा गुस्सा
स्थानीय लोगों में क्षेत्रीय सभासद श्याम भूषण शर्मा को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सभासद ने क्षेत्र में सुध नहीं ली।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, "चुनाव के समय सभासद जी वोट मांगने आते हैं, लेकिन आज 20 दिन से हम पानी में रह रहे हैं, वो देखने तक नहीं आए।"
नगर निगम के 4 पंप के दावे, मौके पर 1 ही चालू
लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद नगर निगम की टीम ने जल निकासी के लिए चार पंप लगाने का दावा किया था। लेकिन हकीकत में मौके पर केवल एक ही पंप चलता हुआ दिख रहा है। आरोप है कि बाकी तीन पंप सिर्फ दिखावे और फोटो खिंचवाने के लिए लगाए गए हैं।
लोगों ने बताया कि निगम के कर्मचारी रोज आते हैं, पंप के साथ फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं, लेकिन जलस्तर में कोई कमी नहीं आ रही है।
प्रशासन से गुहार
बस्ती के लोगों ने जिला प्रशासन और नगर आयुक्त से जल्द से जल्द पानी निकासी कराने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि आने वाले समय में उन्हें फिर से ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।


