जमुई के बाद अब समस्तीपुर में शर्मनाक वारदात: सरेराह युवती से छेड़खानी का VIDEO वायरल, 4 आरोपी गिरफ्तार

जमुई के बाद समस्तीपुर में युवती से सरेराह छेड़खानी का वीडियो वायरल। कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र की घटना, SP के निर्देश पर 4 आरोपी गिरफ्तार, स्पीडी ट्रायल की तैयारी

जमुई के बाद अब समस्तीपुर में शर्मनाक वारदात: सरेराह युवती से छेड़खानी का VIDEO वायरल, 4 आरोपी गिरफ्तार
समस्तीपुर में जमुई कांड की पुनरावृत्ति:4 अरेस्ट

INDIA NEWS REPORT

BIHAR -DESK

संवाददाता-यश राज | समस्तीपुर, बिहार | 24 सितंबर 2026 - बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जमुई में छात्रा के साथ हुई बदसलूकी की घटना के ठीक बाद समस्तीपुर जिले से एक और बेहद निंदनीय मामला सामने आया है। सरेराह एक युवती के साथ छेड़खानी और अभद्रता का 56 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया है।

कहाँ और कैसे हुई घटना?

यह घटना समस्तीपुर जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध बाईपास रोड (डैम बाईपास रोड) पर हुई।

जानकारी के अनुसार पीड़िता अपने एक पुरुष साथी के साथ यात्रा कर रही थी। बाईपास रोड पर फोटो खिंचवाने के लिए रुकने के दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें घेर लिया, गाली-गलौज की और युवती के साथ शारीरिक रूप से अभद्र व्यवहार व मारपीट का प्रयास किया।

56 सेकंड का वीडियो वायरल

इस पूरी हरकत का किसी ने मोबाइल से 56 सेकंड का वीडियो बना लिया, जो बुधवार रात से सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में पीड़िता खुद को छोड़ने की गुहार लगाती और अपने भाई को बुलाने की बात कहती दिख रही है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 4 आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने स्वतः संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात छापेमारी कर वीडियो में दिख रहे चारों मुख्य आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया।

समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए रातभर चली छापेमारी के बाद चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और स्पीडी ट्रायल के जरिए कड़ी सजा दिलाने की बात कही है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

नोट: कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत पीड़िता की पहचान उजागर करना प्रतिबंधित है, और नागरिकों से वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।