आजमगढ़ में खूनी खेल: पूजा कर रहे थे पंडित, पति ने पत्नी समेत 3 को उतारा मौत के घाट, फिर बेटे को मारी गोली, एनकाउंटर में खुद भी ढेर

शंभूपुर गहजी गांव में अंधविश्वास बना 5 मौतों की वजह, 7 घंटे तक बंधक बने रहे 3 मासूम, आधी रात चला ATS का ऑपरेशन

आजमगढ़ में खूनी खेल: पूजा कर रहे थे पंडित, पति ने पत्नी समेत 3 को उतारा मौत के घाट, फिर बेटे को मारी गोली, एनकाउंटर में खुद भी ढेर

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Desk - Uttar Pradesh

आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार की शाम उस वक्त मातम में बदल गई, जब एक घर में चल रही पूजा के दौरान गोलियां चलने लगीं। इस सनसनीखेज वारदात में महिला, दो पुजारी, एक मासूम और आरोपी समेत 5 लोगों की मौत हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक आरोपी अरविंद सिंह मानसिक रूप से बीमार था और उसका वाराणसी में इलाज चल रहा था। परिवार को शक था कि उस पर उसके मृत बड़े भाई सुनील सिंह की आत्मा का साया है। इसी भ्रम को दूर करने के लिए घर में 4 दिन के महामृत्युंजय जाप का आयोजन किया गया था।

मंगलवार शाम जब अरविंद घर पहुंचा तो पूजा देख कर आग बबूला हो गया। आरोप है कि उसने पंडितों से आधार कार्ड और ID मांगनी शुरू कर दी। पत्नी बबीता ने टोका तो उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी।

गोलीबारी में पत्नी बबीता सिंह (40), पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई।

7 घंटे की बंधक ड्रामा और फिर एनकाउंटर

हत्या के बाद अरविंद अपने तीन मासूम बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। सूचना पर एसपी समेत 6 थानों की फोर्स और वाराणसी से ATS की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक करीब 7 घंटे तक उसे समझाने का प्रयास किया।

इसी बीच आरोपी ने अपने ही 4 साल के बेटे को कमरे में गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने कमांडो ऑपरेशन शुरू किया। आरोपी ने पुलिस पर 6 राउंड फायर किए। जवाबी फायरिंग में अरविंद मारा गया। पुलिस ने दोनों अन्य बच्चों को सकुशल बचा लिया। घायल मासूम की अस्पताल में मौत हो गई।

मृतकों की संख्या अब 5 हो गई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।