SC का बड़ा आदेश: मेट्रो बंद और इंटरनेट शटडाउन पर दिल्ली पुलिस को फटकार, पत्रकारों को रोकने पर भी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में मेट्रो बंद और इंटरनेट शटडाउन पर केंद्र को नोटिस जारी किया, कहा - शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को इलीगल डिटेन मत करो, पत्रकारों का काम न रोको।
INDIA NEWS REPORT
कुलदीप बरनवाल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन के नाम पर मेट्रो बंद करने और इंटरनेट ठप करने पर सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को छुट्टी के दिन स्पेशल सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कहा कि आम लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता।
कोर्ट के 4 बड़े आदेश:
- मेट्रो सामान्य करो: दिल्ली मेट्रो के 303 स्टेशनों में से 45 स्टेशन बंद कर दिए गए थे। कोर्ट ने DMRC को आदेश दिया कि मेट्रो सेवाएं अपने सामान्य शेड्यूल पर चलें। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन भी सामान्य किए जाएं
- इंटरनेट बंद नहीं होगा: शहर में इंटरनेट शटडाउन नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर पूरे इलाके का इंटरनेट बंद करना गलत है।
- बैरिकेडिंग हटाओ: जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, सुप्रीम कोर्ट के आसपास लगाए गए सभी बैरिकेड्स हटाए जाएं, जब तक कि बेहद जरूरी न हो। लोगों की आवाजाही सामान्य हो।
- पत्रकारों-वकीलों को मत रोको: कोर्ट ने साफ कहा कि वकील, पत्रकार और अन्य प्रोफेशनल्स को अपना काम करने से नहीं रोका जा सकता। शांतिपूर्ण तरीके से जुटे लोगों को BNSS की धारा 163 के नाम पर इलीगल डिटेन नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान Solicitor General तुषार मेहता ने कहा कि केवल 45 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद की गई थी। इस पर कोर्ट ने केंद्र, गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और DMRC चेयरमैन को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी कर दिया है।
कोर्ट ने सरकार से मंगलवार 13 अक्टूबर तक कंप्लायंस रिपोर्ट मांगी है।
पत्रकार से बदसलूकी पर सीधा असर
गौरतलब है कि इसी प्रदर्शन को कवर करने गये पत्रकारो को भी रोका गया और बदसलूकी की गई, सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश कि पत्रकारों को काम से न रोका जाए।


